साइबर अपराध राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा- अमित शाह
नई दिल्ली । डेस्क: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साइबर अपराध को लेकर देश को आगाह करते हुए कहा है कि यह न केवल वित्तीय धोखाधड़ी है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती भी है. सीबीआई द्वारा आयोजित 'टैकलिंग साइबर-इनेबल्ड फ्रॉड्स' सम्मेलन में बोलते हुए शाह ने खुलासा किया कि भारत के महत्वपूर्ण संस्थानों का डेटा चोरी कर दुश्मनों को बेचा जा रहा है, जिसे रोकने के लिए केंद्र सरकार बेहद सख्त कदम उठा रही है.
उन्होंने जोर देकर कहा कि जैसे-जैसे देश का डिजिटल इकोसिस्टम बढ़ रहा है, वैसे-वैसे साइबर खतरों की गंभीरता भी बढ़ी है.
गृह मंत्री ने आंकड़ों के जरिए स्थिति की गंभीरता स्पष्ट करते हुए बताया कि नवंबर 2025 तक देश में लगभग 82 लाख साइबर अपराध की शिकायतें दर्ज की गईं. इनमें से 1.84 लाख मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है.
उन्होंने जानकारी दी कि जालसाजों द्वारा ठगे गए 20,000 करोड़ रुपये में से भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) और अन्य एजेंसियों के प्रयासों से अब तक 8,189 करोड़ रुपये फ्रीज या वापस हासिल किए जा चुके हैं. शाह ने सीबीआई और एनआईए जैसी प्रमुख एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे साइबर अपराधों से निपटने के लिए एक साझा तंत्र विकसित करें और इस लड़ाई को अगले स्तर पर ले जाएं.
यह बयान सुप्रीम कोर्ट की उस टिप्पणी के अगले दिन आया है जिसमें कोर्ट ने बैंक खातों से 52,000 करोड़ रुपये की डिजिटल धोखाधड़ी को 'डकैती' करार दिया था.
शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार को आरबीआई और अन्य बैंकों के साथ मिलकर नए नियम बनाने और पीड़ितों को मुआवजा देने की संभावनाओं पर विचार करने का निर्देश दिया है. अमित शाह ने भरोसा दिलाया कि डिजिटल लेनदेन और यूपीआई को सुरक्षित बनाने के लिए आरबीआई, एनआईए और सीबीआई जैसी सभी एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं.