नेपाल के बीरगंज में हिंदू-मुस्लिम तनाव के बाद कर्फ्यू लागू
काठमांडू । डेस्क: नेपाल के दक्षिणी सीमावर्ती शहर बीरगंज में मस्जिद में तोड़फोड़ की घटना के बाद हिंदू और मुस्लिम समूहों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन ने मंगलवार 6 जनवरी, 2026 को अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया है. परसा जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, शहर में किसी भी व्यक्ति को सड़क पर निकलने की अनुमति नहीं है और सभी प्रकार के जुलूस, सभा या प्रदर्शनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है.
प्रशासन ने सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों पर सुरक्षा बलों द्वारा बल प्रयोग किया जा सकता है और गंभीर स्थिति में गोली भी मारी जा सकती है.
तनाव की शुरुआत रविवार को तब हुई जब एक नजदीकी कस्बे में मस्जिद के साथ हुई तोड़फोड़ के विरोध में मुस्लिम समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए.
इसके जवाब में हिंदू समूहों ने भी उसी दिन जवाबी प्रदर्शन किया, जिसके बाद से शहर में लगातार विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी है.
हालांकि, अब तक दोनों गुटों के बीच कोई बड़ी हिंसक झड़प या गंभीर चोट की खबर नहीं मिली है, लेकिन प्रदर्शनकारियों और दंगा नियंत्रण पुलिस के बीच छिटपुट झड़पें जरूर हुई हैं.
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए बीरगंज की सड़कों पर सशस्त्र सैनिकों और पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है.
राजधानी काठमांडू से लगभग 130 किलोमीटर दूर स्थित बीरगंज व्यापारिक दृष्टि से नेपाल का सबसे महत्वपूर्ण शहर है, क्योंकि भारत से आने वाले तेल और अन्य आवश्यक सामानों की आपूर्ति का मुख्य मार्ग यही है.
हिंदू बहुल राष्ट्र नेपाल में इस तरह के सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं काफी दुर्लभ मानी जाती हैं.