देश का युवा अब हिंदू-मुस्लिम की राजनीति में नहीं फंसने वाला- अभिजीत दीपके
नई दिल्ली । डेस्क: नीट पेपर लीक मामले को लेकर पिछले 36 दिनों से जंतर-मंतर पर जारी छात्रों और युवाओं के विरोध प्रदर्शन को शनिवार को एक बड़ी सफलता मिली. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के अपने पद से इस्तीफा देने की खबर मिलते ही प्रदर्शन स्थल पर खुशी की लहर दौड़ गई.
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस इस्तीफे का ऐलान किया, जिसके बाद छात्रों ने ढोल-नगाड़ों और नारों के साथ इस जीत का जश्न मनाया.
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि देश का युवा अब हिंदू-मुस्लिम की राजनीति में नहीं फंसने वाला है. उन्होंने कहा कि जब युवाओं को इस तरह की राजनीति में उलझाया जाता है, तभी पेपर लीक जैसी घटनाएं होती हैं और छात्रों को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ता है.
सभा में मौजूद भीड़ ने भी उनके इस बयान का समर्थन करते हुए "हिंदू-मुस्लिम राजनीति नहीं चलेगी" के जोरदार नारे लगाए. दीपके ने इसे लोकतंत्र की जीत बताते हुए कहा कि अगर नागरिक बिना डरे अपनी आवाज उठाएं, तो सत्ता में बैठे लोगों को जनता की बात सुननी ही पड़ती है.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को अपनी पहली बड़ी जीत बताते हुए CJP ने स्पष्ट किया है कि उनका आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है. संगठन ने अपनी बाकी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया है.
उनकी प्रमुख मांगों में नीट पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देना और प्रदर्शनकारी छात्रों पर बर्बरता करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना शामिल है.
इस दौरान जंतर-मंतर पर एक भावुक क्षण भी देखने को मिला, जब पेपर लीक के बाद जान गंवाने वाले छात्रों की याद में दो मिनट का मौन रखा गया. दीपके ने हाथ जोड़कर और जमीन पर झुककर उन सभी दिवंगत छात्रों के नाम पढ़े.