ऑपरेशन ब्लू स्टार एक गलती थी- चिदंबरम
कसौली । डेस्क: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने 1984 के ऑपरेशन ब्लू स्टार को 'गलत तरीका' बताते हुए एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि यह फैसला गलत था और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को इसकी कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी थी.
शनिवार 11 अक्टूबर, 2025 को हिमाचल प्रदेश के कसौली में खुशवंत सिंह साहित्य महोत्सव में पत्रकार और लेखिका हरिंदर बावेजा के संस्मरण 'दे विल शूट यू मैडम: माय लाइफ थ्रू कॉन्फ्लिक्ट' के विमोचन पर चर्चा के दौरान चिदंबरम ने यह टिप्पणी की.
चिदंबरम ने कहा, "उग्रवादियों को पकड़ने का कोई और तरीका था, लेकिन ऑपरेशन ब्लू स्टार गलत तरीका था और मैं सहमत हूँ कि श्रीमती गांधी ने इस गलती की कीमत अपनी जान देकर चुकाई, लेकिन यह गलती सेना, खुफिया, पुलिस और नागरिक सुरक्षा के सामूहिक निर्णय का परिणाम थी और आप पूरी तरह से श्रीमती गांधी को दोष नहीं दे सकते."
उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी सैन्य अधिकारी का अनादर नहीं कर रहे हैं, लेकिन स्वर्ण मंदिर को वापस पाने का 'ऑपरेशन ब्लू स्टार' सही तरीका नहीं था. उन्होंने ऑपरेशन ब्लैक थंडर (जो 1986 और 1988 में किया गया) का उदाहरण दिया, जिसमें सेना को बाहर रखकर स्वर्ण मंदिर से उग्रवादियों को बाहर निकाला गया था.
चर्चा के दौरान, लेखिका बावेजा ने कहा कि ऑपरेशन ब्लू स्टार के कारण पंजाब में हिंसा का अगला अध्याय शुरू हुआ. उन्होंने यह भी कहा कि इंदिरा गांधी ने भिंडरावाले को "अकालियों को नियंत्रित करने में मदद करने के लिए" इस्तेमाल करके "धर्म को राजनीति के साथ मिलाया", जिसे उन्होंने एक 'अत्यधिक बुरा विचार' बताया.
चिदंबरम ने हालाँकि इस सुझाव पर आपत्ति जताई कि भिंडरावाले को गांधी ने "खड़ा किया" था.
कश्मीर के मुद्दे पर बात करते हुए चिदंबरम ने कहा कि कश्मीर की एक 'वैकल्पिक कहानी' भी है, जो 'हर शाम टेलीविजन पर दिखाई जाने वाली कहानी' से अलग है.