कांग्रेस शासनकाल में छत्तीसगढ़ बना 'एटीएम'- गजेन्द्र यादव
दुर्ग । संवाददाता: अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर दुर्ग में सियासी पारा उस समय चढ़ गया जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव के बीच तीखी जुबानी जंग छिड़ गई. भूपेश बघेल द्वारा वर्तमान राज्य सरकार को 'अहमदाबाद' से संचालित बताने और इसे 'कुशासन' करार देने पर मंत्री गजेंद्र यादव ने कड़ा जवाब दिया है.
यादव ने पलटवार करते हुए सवाल दागा कि बघेल पहले यह स्पष्ट करें कि उनकी अपनी सरकार का रिमोट कंट्रोल किसके हाथ में था.
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में छत्तीसगढ़ को केवल एक 'एटीएम' की तरह इस्तेमाल किया गया, जहां का पैसा प्रदेश के विकास में लगने के बजाय दूसरे राज्यों के चुनावों में झोंका गया. यादव ने कहा कि बघेल की इसी नीति के कारण प्रदेश पांच वर्षों तक विकास की मुख्यधारा से कटा रहा.
श्रमिकों की परंपरा 'बोरे बासी' को लेकर भी दोनों दिग्गजों के बीच मतभेद खुलकर सामने आए. जहां बघेल ने इसे छत्तीसगढ़िया संस्कृति का गौरव बताते हुए भाजपा पर त्योहारों के राजनीतिकरण का आरोप लगाया, वहीं गजेंद्र यादव ने इसे अभाव का प्रतीक बताया.
मंत्री यादव ने तर्क दिया कि मजदूर बोरे बासी मजबूरी और संसाधनों की कमी के कारण खाता था, लेकिन पिछली सरकार ने इस पर 8 करोड़ रुपये उत्सव के नाम पर खर्च कर दिए, जबकि यह राशि सीधे श्रमिकों के उत्थान में उपयोग की जा सकती थी.
यादव ने वर्तमान सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि हमने महतारी वंदन और आवास योजना जैसे ठोस कार्यों से जनता का विश्वास जीता है, जबकि कांग्रेस केवल प्रतीकों की राजनीति करती रही. इसके साथ ही उन्होंने आगामी चुनावी परिणामों में भाजपा की जीत का दावा करते हुए कांग्रेस के दावों को सिरे से खारिज कर दिया.