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छत्तीसगढ़: सुरक्षा बलों में आत्महत्यायें और हत्यायें

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17 जुल. 2025, 05:35 AM 2 मिनट में पढ़ें 2

सुरक्षा बल
सुरक्षा बल

रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों के बीच आत्महत्याओं और हत्याओं के मामले चिंता का विषय बन गये हैं. उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, जो गृह विभाग का प्रभार भी संभालते हैं, ने विधानसभा में एक लिखित बयान में बताया कि 2019 से 15 जून 2025 तक 177 सुरक्षा कर्मियों ने आत्महत्या की, जबकि 18 हत्याओं के मामले सामने आये.


इनमें से कई मामले नक्सल विरोधी अभियानों में तैनात जवानों से जुड़े हैं.

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आत्महत्याओं के प्रमुख कारण


पुलिस जांच के अनुसार, इन आत्महत्याओं के पीछे पारिवारिक समस्यायें, मानसिक तनाव, शराब की लत और अचानक गुस्सा जैसे कारण हैं. इनमें से 26 मामले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), पांच सीमा सुरक्षा बल (BSF), तीन भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), और एक-एक सशस्त्र सीमा बल (SSB), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) और त्रिपुरा स्टेट राइफल्स से संबंधित हैं. शेष मामले छत्तीसगढ़ पुलिस की विभिन्न इकाइयों, जैसे छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, विशेष कार्य बल और होम गार्ड से जुड़े हैं.


आत्महत्याओं का साल-दर-साल विवरण इस प्रकार है:

2019: 25 मामले

2020: 38 मामले

2021: 24 मामले

2022: 31 मामले

2023: 22 मामले

2024: 29 मामले

2025 (15 जून तक): 8 मामले


18 हत्याओं में कुछ फ्रैट्रीसाइड के मामले भी शामिल हैं, जहां जवानों ने अपने सहयोगियों पर गोली चलाई. इन मामलों की जांच सामान्य कानूनी प्रक्रियाओं के तहत की जा रही है.


उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इन समस्याओं से निपटने के लिए कई कदम उठाये गये हैं:


मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक समस्याओं से जूझ रहे कर्मियों के लिए मनोचिकित्सकों द्वारा परामर्श.

सामूहिक परामर्श सत्र और योग कार्यक्रम.

तनाव कम करने के लिए सांस्कृतिक आयोजन.

अवकाश प्रबंधन और शिकायत निवारण प्रणाली.

सभी पुलिस स्टेशनों और कंपनी स्तर पर शिकायत रजिस्टर अनिवार्य.

वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण और साप्ताहिक शिकायत सत्र.


पुलिस महानिदेशक (DGP) हर मंगलवार और शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में शिकायत सत्र आयोजित करते हैं, जहां कर्मी अपनी समस्यायें सीधे रख सकते हैं. इसके अलावा, राज्य और जिला स्तर पर एक सलाहकार समिति सालाना बैठक करती है ताकि संरचनात्मक समस्याओं का समाधान हो सके.


छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों के बीच बढ़ते आत्महत्या और हत्या के मामले गंभीर चिंता का विषय हैं, खासकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात जवानों के द्वारा.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP