छत्तीसगढ़ जा रही 304 किलो अफीम डोडा पकड़ाई
नागपुर । डेस्क: छत्तीसगढ़ भेजी जा 304 किलो अफीम डोडा की खेप को भंडारा पुलिस ने पकड़ने का दावा किया है. भंडारा पुलिस ने जागर नशा मुक्ति अभियान के तहत हाल के वर्षों में क्षेत्र के सबसे बड़े ड्रग ऑपरेशनों में से एक को अंजाम देते हुए, शाहपुर में राजस्थान से आये एक वाहन से 304.570 किलोग्राम अफीम डोडा जब्त किया, जिसकी कीमत 82.51 लाख रुपये है,
इस मामले में राजस्थान के जोधपुर जिले के फलोदी निवासी दो आरोपियों, दिलीपकुमार बिश्नोई (24) और जयप्रकाश बिश्नोई (25) को गिरफ्तार किया गया. दोनों के खिलाफ पहले से नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं.
पुलिस ने मंगलवार को शाहपुर के एक निजी होटल में विशिष्ट सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ा. जब्त किये गये माल में प्लास्टिक की बोरियों में पैक किया गया 60.91 लाख रुपये का अफीम डोडा, 20 लाख रुपये की कीमत का एक चार-पहिया वाहन, 1.6 लाख रुपये के चार हाई-एंड मोबाइल फोन और अन्य सामान शामिल हैं, जिनमें 15 प्लास्टिक बैग और एक लाल फूलों वाली साड़ी शामिल है, जिसका इस्तेमाल संभवतः सामान को छिपाने के लिए किया गया था.
कुल जब्ती का मूल्य 82,51,710 रुपये है. दोनों आरोपियों को 8 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है.
भंडारा के एसपी नूरुल हसन ने कहा, "यह पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में की गई सबसे बड़ी छापेमारी में से एक है. पिछले एक महीने से हम ऑपरेशन जागर नशा मुक्ति चला रहे हैं, जिसके तहत कई समर्पित टीमें बनाई गई थीं. एक ऐसी ही टीम को छत्रपति संभाजीनगर से भंडारा की ओर डोडा वितरित करने वाले वाहन की सूचना मिली, जिसके बाद हमने कार्रवाई की."
हसन ने पुष्टि की कि दोनों आरोपी हिस्ट्री-शीटर हैं और उनके खिलाफ पहले से नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं. प्रारंभिक जांच से पता चला कि यह ऑपरेशन राजस्थान, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में फैले एक बड़े अंतर-राज्यीय रैकेट का हिस्सा है. खेप कथित तौर पर छत्रपति संभाजीनगर से नागपुर के रास्ते ले जाई जा रही थी.
पुलिस सूत्रों को संदेह है कि इस मामले का कुख्यात बिश्नोई गिरोह से संबंध हो सकता है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "दोनों आरोपियों ने संकेत दिया कि उनका मुख्य हैंडलर राजस्थान की एक जेल से ऑपरेट करता है. इस पहलू की सक्रिय रूप से जांच की जा रही है."
पुलिस ने बताया कि गिरोह का तरीका एक राज्य में वाहन चोरी करना, उसका उपयोग कई राज्यों में डोडा वितरित करने के लिये करना और फिर वाहन को बेचकर गायब हो जाना है. इसके अनुसार, आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट और चोरी के तहत अपराध दर्ज किये गये हैं.
पुलिस का मानना है कि आरोपी राजस्थानी ढाबों पर सक्रिय खरीदारों को डोडा की आपूर्ति करने के लिए छत्तीसगढ़ की ओर जा रहे थे. एक अधिकारी ने कहा, "संभाजीनगर से शुरू होने के बाद, वे नागपुर पहुंचे, शाहपुर में रुके और अगली डिलीवरी के लिए छत्तीसगढ़ जा रहे थे."
अधिकारियों ने कहा कि अंतर-राज्यीय नेटवर्क में गहरे संबंध स्थापित होने पर और गिरफ्तारियां होने की संभावना है. इस मामले की जांच जवाहरनगर पुलिस द्वारा एसपी नूरुल हसन, अतिरिक्त एसपी नीलेश मोरे, जवाहरनगर पीआई भीमाजी पाटिल और अन्य अधिकारियों की देखरेख में की जा रही है.