रायपुर में DJ बैन, डीजे एसोसिएशन ने कहा "डीजे तो बजेगा"
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने गणेशोत्सव के दौरान डीजे पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है, जो बुधवार से शुरू हो रहा है. पुलिस ने सख्त निर्देश जारी किए हैं कि गणेशोत्सव के जुलूसों और आयोजनों में केवल पारंपरिक वाद्ययंत्रों का उपयोग किया जा सकेगा.
नियम तोड़ने वालों पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. रायपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने मंगलवार को डीजे ऑपरेटरों के साथ एक बैठक में स्पष्ट किया कि डीजे संचालन की अनुमति नहीं होगी और प्रशासन द्वारा कोई एनओसी जारी नहीं की जाएगी.
पटले ने कहा, "अस्पतालों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों के 100 मीटर के दायरे में डीजे और लाउडस्पीकर पूरी तरह प्रतिबंधित हैं. रात 10 बजे के बाद किसी भी ध्वनि उपकरण का उपयोग नहीं किया जा सकता. उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, जिसमें भारी जुर्माना शामिल है. अगर एक ही वाहन दो बार पकड़ा गया, तो उसे जब्त कर लिया जाएगा."
उन्होंने जोर देकर कहा कि तेज आवाज में डीजे बजाना स्वीकार्य नहीं है और नियम तोड़ने वालों को कड़ी सजा मिलेगी.
इस बीच, राज्य सरकार ने भी सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं. आयोजनों को दो श्रेणियों में बांटा गया है - छोटे आयोजन, जिनमें 500 लोगों तक की भीड़ या 5,000 वर्ग फुट तक का स्थान शामिल है, और बड़े आयोजन, जो इन सीमाओं से अधिक होंगे.
हालांकि, डीजे ऑपरेटरों ने इस प्रतिबंध का विरोध किया है.
रायपुर डीजे एसोसिएशन के अध्यक्ष गौतम महानंद ने कहा, "अगर हम डीजे नहीं बजाएंगे, तो हमारे लोग कैसे जीवित रहेंगे? पिछले साल हमें भारी जुर्माना देना पड़ा था. इस बार हम कम आवाज में डीजे-धुमाल बजाएंगे. गणेशोत्सव एक प्रमुख हिंदू त्योहार है, और हम गणपति बप्पा का स्वागत और विदाई संगीत के साथ करेंगे, लेकिन कम वॉल्यूम पर."
उन्होंने दावा किया कि वे रात 10 बजे तक अनुमत दिशानिर्देशों का पालन करेंगे, लेकिन "डीजे तो बजेगा" क्योंकि यह 10,000 लोगों की आजीविका को प्रभावित करेगा. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें निशाना बनाया जा रहा है.
रायपुर की सड़कों पर पहले से ही डीजे की तेज आवाज गूंज रही है, जो न केवल आधे घंटे से अधिक समय तक यातायात को बाधित कर रही है, बल्कि आंखों को चकाचौंध करने वाली लाइटों और तेज संगीतमय धुनों के साथ भी चल रही है.
हाईकोर्ट में जनहित याचिका
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में DJ को लेकर जनहित याचिका पर सुनवाई चल रही है. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कानफोड़ू DJ और साउंड सिस्टम से होने वाले ध्वनि प्रदूषण को लेकर कड़ी नाराजगी जाहिर की है. शासन ने कोलाहल नियंत्रण अधिनियम को सख्त बनाने और एक लाख रुपए पेनल्टी के साथ पांच साल सजा का प्रावधान करने की जानकारी दी है.
इस नियम को लागू करने के लिए शासन ने समय मांगा, जिस पर चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा की डिवीजन बेंच ने सख्ती दिखाते हुए कहा कि, अब और देरी नहीं चलेगी. इसके लिए हाईकोर्ट ने शासन को तीन सप्ताह का समय दिया है. केस की अगली सुनवाई 9 सितंबर को होगी.
दरअसल, प्रदेश में कोलाहल अधिनियम लागू होने के बाद भी तेज आवाज वाले DJ और साउंड सिस्टम बेधड़क चल रहा है. विशेष कर पर्व के साथ ही धार्मिक-सामाजिक और राजनीतिक आयोजनों के दौरान शोर-शराबा से लोग खासे परेशान रहते हैं. मरीजों के लिए यह खतरनाक साबित होता है.
इसके साथ ही हाईकोर्ट ने मीडिया रिपोर्ट्स पर स्वत: संज्ञान लिया है. लगातार सुनवाई और दिशानिर्देश जारी करने के बाद भी कोलाहल नियंत्रण अधिनियम प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पाया है.