प्रोजेक्ट 'विमाना': अब ड्रोन से पहुँचेगा रोबोटिक अस्पताल
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचलों और संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में अब गंभीर घायलों की जान बचाना आसान होगा. केंद्र सरकार द्वारा अनावरण किए गए 'प्रोजेक्ट विमाना' के तहत एक स्वदेशी ड्रोन-आधारित रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम विकसित किया गया है, जो बस्तर और सरगुजा जैसे दुर्गम इलाकों में आपातकालीन चिकित्सा सेवा की तस्वीर बदल सकता है.
एसएस इनोवेशन इंटरनेशनल द्वारा विकसित यह प्रणाली विशेष रूप से उन स्थानों के लिए बनाई गई है जहाँ पहुंचना कठिन है.
'विमाना' के जरिए डॉक्टर दूर रहकर भी रोबोटिक आर्म्स की मदद से सर्जरी कर सकेंगे.
चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक 'गोल्डन ऑवर' (चोट लगने के बाद का शुरुआती एक घंटा) के भीतर इलाज सुनिश्चित करेगी, जो छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित और पहाड़ी क्षेत्रों में अक्सर देरी से मिलने वाली चिकित्सा सहायता के कारण होने वाली मौतों को रोकने में कारगर साबित होगी.
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी राज्य सरकार से इस आधुनिक रोबोटिक सर्जरी प्रणाली को अपनाने का आग्रह किया है.
उन्होंने स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को उन्नत करने पर जोर देते हुए कहा कि ऐसी उन्नत तकनीक का उपयोग छत्तीसगढ़ के उन इलाकों में संजीवनी की तरह काम करेगा, जहाँ भौगोलिक चुनौतियों के कारण उच्च-स्तरीय ट्रॉमा केयर समय पर नहीं मिल पाती है. Symbolic Photo