छत्तीसगढ़ में प्रेगनेंसी डायग्नोस्टिक किट पर रोक
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में एक विशिष्ट बैच नंबर के छत्तीसगढ़ में प्रेगनेंसी डायग्नोस्टिक किट पर रोक पर रोक लगा दी गई है. छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने टिकाम्बिजेन लैबोरेटरीज प्राइवेट लिमिटेड के बैच नंबर RL-2407004 मैन्युफैकचरिंग डेट 01-07-2024 जिसका एक्सपायरी डेट 30-06-2026 है तुरंत रोक लगा दी है.
यह आदेश रायपुर के मेकाहारा, डीकेएस अस्पताल, सिविल सर्जन और सभी चिकित्सा प्रभारी व हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटरों को भेजा गया है. यदि किसी संस्थान में उक्त बैच नंबर का प्रेगनेन्सी किट उपलब्ध हो तो उस पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है.
सूत्रों के अनुसार इस बैच नंबर के किट की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायते मिल रही हैं. कई स्वास्थ्य केंद्रों ने इस किट की गुणवत्ता तथा विश्वसनीयता पर सवाल उठाये हैं.
इन शिकायतों के मिलने के बाद छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने गुणवत्ता की जांच होने तक इन किटो के उपयोग पर अस्थायी रोक लगा दी है.
इस किट पर रोक लगाने से ग्राणीण इलाकों में उपलब्धता पर असर पड़ सकता है. अन्य किट या अन्य विधि से प्रेगनेन्सी की जांच करने की सलाह दी गई है.
प्रेगनेंसी किट क्या है
प्रेगनेंसी किट एक उपकरण है जिसका उपयोग महिलाओं द्वारा गर्भावस्था की जांच के लिये किया जाता है. यह किट मूत्र में एचसीजी (ह्यूमन कोरियोनिक गोनाडोट्रोपिन) हार्मोन की उपस्थिति का पता लगाकर काम करती है, जो गर्भावस्था के दौरान शरीर में बनता है.
प्रेगनेंसी किट में एक स्टिक या स्ट्रिप होती है, जिस पर एक विशेष रसायन लगा होता है. जब मूत्र की कुछ बूंदें इस स्टिक या स्ट्रिप पर डालते हैं, तो यदि मूत्र में एचसीजी हार्मोन मौजूद है, तो यह रसायन उस हार्मोन के साथ प्रतिक्रिया करता है और एक रंग परिवर्तन या एक रेखा प्रदर्शित करता है, जो गर्भावस्था का संकेत देता है.