आदिवासी अधिकारों को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासी संग्राम
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में जल, जंगल और जमीन के अधिकारों को लेकर राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है. रायपुर में आयोजित आदिवासी कांग्रेस की अहम बैठक के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने राज्य सरकार पर आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों को छीनने का आरोप लगाया है.
उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में जल्द ही आदिवासी अधिकारों की रक्षा के लिए एक व्यापक जनांदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी अगुआई खुद कांग्रेस नेता राहुल गांधी करेंगे. संगठन की इस बैठक में आदिवासी क्षेत्रों में पार्टी को मजबूत करने और राज्यव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई है.
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस के इस आंदोलन के दावे पर करारा पलटवार करते हुए इसे महज एक राजनीतिक पैंतरेबाजी करार दिया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने दशकों लंबे शासनकाल में आदिवासियों के हितों को नजरअंदाज करने वाली कांग्रेस आज केवल राजनीतिक लाभ लेने का ढोंग कर रही है.
उन्होंने याद दिलाया कि देश में पहली बार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में अलग जनजाति मंत्रालय का गठन हुआ था, और आज राष्ट्रपति पद पर द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी भाजपा की आदिवासी कल्याण के प्रति सच्ची प्रतिबद्धता को दर्शाती है.
साय ने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकारें आदिवासी समाज के उत्थान और सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर समर्पित भाव से काम कर रही हैं.