छत्तीसगढ़ पुलिस: 'ऑपरेशन तलाश' में 4,472 को तलाशा
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ पुलिस ने 'ऑपरेशन तलाश' अभियान के तहत एक महीने में लगभग 4,472 लापता लोगों को ढूंढकर उनके परिवारों से मिलवाया है. यह अभियान 1 जून से 30 जून 2025 तक चला, जिसमें पुरुषों और महिलाओं को खोजने पर विशेष ध्यान दिया गया.
यह पहली बार था जब राज्य में वयस्कों के लिये इतने बड़े पैमाने पर ऐसा अभियान चलाया गया, जो पहले बच्चों पर केंद्रित 'ऑपरेशन मुस्कान' से अलग था.
पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम और पुलिस महानिरीक्षक अजय यादव के नेतृत्व में इस अभियान के लिये एक विस्तृत रणनीति तैयार की गई. एक नोडल अधिकारी और विशेष टीमें गठित की गईं, जिन्होंने आधुनिक संचार तकनीकों और गहन केस विश्लेषण का उपयोग किया.
प्रत्येक लापता व्यक्ति के परिवार से व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया गया और खुफिया जानकारी के आधार पर संभावित स्थानों पर टीमें भेजी गईं.
इस अभियान का दायरा छत्तीसगढ़ की सीमाओं से बाहर भी फैला. पुलिस ने देशभर में समन्वय कर 3,207 महिलाओं और 1,265 पुरुषों को सुरक्षित ढूंढ निकाला.
इनमें से 252 लोग मध्य प्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, झारखंड, दिल्ली, तमिलनाडु, बिहार, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, कर्नाटक, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी और असम जैसे राज्यों से बरामद किये गये.
बिलासपुर और दुर्ग जिले इस अभियान में सबसे आगे रहे, जहां क्रमशः 1,056 और 807 लापता लोगों को ढूंढा गया. महासमुंद और रायपुर ने भी क्रमशः 267 और 217 लोगों को खोजने में महत्वपूर्ण योगदान दिया.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सुनियोजित रणनीति, तकनीक का प्रभावी उपयोग, समुदाय की भागीदारी और अंतरराज्यीय सहयोग ने इस अभियान को सफल बनाया. इस पहल ने न केवल परिवारों का पुलिस पर भरोसा बढ़ाया, बल्कि कमजोर वर्गों के लिए सुरक्षित माहौल भी बनाया.