नाबालिग दूल्हे की प्रशासन की टीम ने रुकवाया बाल विवाह
पेन्ड्रा । डेस्क: छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में बीती 24 फरवरी को गौरेला थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत सल्हेघोरी में एक नाबालिग बालक के विवाह की तैयारियां चल रही थीं, जिसे जिला प्रशासन की सक्रियता के चलते समय रहते रोक दिया गया. घटना की भनक लगते ही महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी अमित सिन्हा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के आदेश जारी किए.
जिला बाल संरक्षण अधिकारी वीरेंद्र कुर्रे के नेतृत्व में गठित एक संयुक्त टीम ने मौके पर दबिश दी. इस टीम में पुलिस बल, चाइल्ड हेल्पलाइन के सदस्य और स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि भी शामिल रहे.
जब बालक के शैक्षणिक दस्तावेजों और मार्कशीट का सूक्ष्मता से मिलान किया गया, तो पाया गया कि उसकी आयु विवाह की कानूनी उम्र 21 वर्ष से लगभग 6 साल कम है. प्रशासन ने मौके पर ही बालक के परिजनों को कानून का पाठ पढ़ाया और उन्हें समझाया कि कम उम्र में विवाह करना न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि यह एक दंडनीय अपराध भी है.
कौंसिलिंग और कानूनी समझाइश के बाद, परिजनों ने अपनी गलती स्वीकार की और एक लिखित घोषणा पत्र भरकर आश्वासन दिया कि वे बालक का विवाह उसकी आयु 21 वर्ष पूर्ण होने के बाद ही करेंगे.
जिले में लगातार ऐसे अभियानों के माध्यम से सामाजिक बुराइयों को जड़ से मिटाने का प्रयास किया जा रहा है.