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NHM के 14,000 कर्मियों का इस्तीफा, हड़ताल जारी रहेगी

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05 सित. 2025, 01:15 PM 3 मिनट में पढ़ें 1

एनएचएम
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रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत लगभग 14,000 अनुबंध कर्मचारियों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है. यह कदम सरकार द्वारा 25 कर्मचारियों को बर्खास्त करने के बाद उठाया गया, जो आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे. छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के एक पदाधिकारी ने बताया कि कर्मचारी 18 अगस्त से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं, जिनमें सेवाओं का नियमितीकरण, बेहतर कार्य परिस्थितियां, ग्रेड पे, और करुणामूलक नियुक्तियां शामिल हैं.


आंदोलन के कारण राज्य में कई स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं. टीकाकरण, नवजात शिशु देखभाल, गैर-संचारी रोगों की जांच, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, और तपेदिक की दवाओं का वितरण जैसी सेवाएं कई स्थानों पर ठप हो गई हैं. 

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कर्मचारी संघ के प्रांतीय संरक्षक हेमंत कुमार सिन्हा ने कहा, “सरकार की दमनकारी कार्रवाई पूरी तरह अन्यायपूर्ण है. इससे नाराज होकर 14,678 कर्मचारियों ने इस्तीफे सौंपे हैं, और शेष कर्मचारी भी जल्द इस्तीफा देंगे.” उन्होंने बताया कि शनिवार (6 सितंबर 2025) को रायपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आगे की रणनीति साझा की जाएगी.


सरकारी अधिकारियों के अनुसार, 13 अगस्त को राज्य स्वास्थ्य समिति की कार्यकारी समिति ने कर्मचारियों की 10 में से चार मांगों को स्वीकार किया था. तीन अन्य मांगों की जांच के लिए एक समिति गठित की गई है, जबकि नियमितीकरण सहित शेष तीन मांगों पर निर्णय सरकार के उच्चतम स्तर पर होगा. 


एनएचएम मिशन निदेशक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने बताया कि गोपनीय रिपोर्ट मूल्यांकन में पारदर्शिता और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के लिए 30 दिन का वेतन सहित अवकाश जैसी मांगें पूरी कर दी गई हैं. इसके अलावा, 27% वेतन वृद्धि और न्यूनतम 10 लाख रुपये का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा भी स्वीकार किया गया है, जिसका कार्यान्वयन प्रक्रिया में है.


हालांकि, कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगों को बार-बार अनसुना किया गया. संघ के अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार मिरी ने आरोप लगाया कि 160 बार ज्ञापन सौंपने के बावजूद प्रशासन ने कोई जवाब नहीं दिया. 


उन्होंने कहा, “प्रशासन व्हाट्सएप पर चेतावनी और बर्खास्तगी के आदेश भेजने में तेज है, लेकिन हमारी मांगों पर उतनी तत्परता नहीं दिखाई.” 


3 सितंबर को जारी बर्खास्तगी आदेश में 25 कर्मचारियों को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 और मानव संसाधन नीति-2018 के उल्लंघन का हवाला देकर तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया.


डॉ. शुक्ला ने कहा कि ग्रेड पे, करुणामूलक नियुक्तियां, और स्थानांतरण नीति की जांच के लिए एक समिति गठित की गई है, जो अन्य विभागों की नीतियों का अध्ययन कर सुझाव देगी. 


लेकिन नियमितीकरण और पब्लिक हेल्थ कैडर जैसी मांगें केवल उच्च सरकारी स्तर पर ही तय हो सकती हैं. कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, हड़ताल जारी रहेगी.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP