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छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में 16 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया

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11 सित. 2025, 01:08 AM 2 मिनट में पढ़ें 2

नक्सली सरेंडर
नक्सली सरेंडर

रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में 16 माओवादियों ने बुधवार शाम (10 सितंबर, 2025) को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. पुलिस के अनुसार, ये माओवादी विभिन्न इकाइयों, जैसे जनताना सरकार, चेतना नाट्य मंडली और पंचायत मिलिशिया से जुड़े निचले स्तर के कैडर थे.


नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन गुरिया ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों ने माओवादी विचारधारा की "खोखली" प्रकृति, निर्दोष आदिवासियों पर माओवादियों द्वारा किए गए अत्याचारों और संगठन में बढ़ती आंतरिक मतभेदों के कारण निराशा जताई.

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उन्होंने कहा, "हालांकि ये निचले स्तर के कैडर थे, लेकिन इन्होंने माओवादी विद्रोह को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. ये लोग सशस्त्र माओवादी समूहों को राशन, दवाइयाँ और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, हथियारों और विस्फोटकों के परिवहन, आईईडी लगाने, सुरक्षा बलों की गतिविधियों पर खुफिया जानकारी जुटाने और टोही कार्यों में सक्रिय रूप से शामिल थे."


पुलिस पूछताछ के दौरान, आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों ने बताया कि माओवादी शीर्ष नेता आदिवासियों के "असली दुश्मन" हैं. 


उन्होंने कहा, "शीर्ष नेता पानी, जंगल और जमीन की रक्षा, समानता और न्याय के झूठे वादों के साथ स्थानीय लोगों को गुमराह करते हैं, लेकिन वास्तव में उनका शोषण करते हैं. स्थानीय कैडरों का गंभीर शोषण होता है, और महिला माओवादियों की स्थिति और भी बदतर है."


एसपी ने माओवादियों के हवाले से कहा, "कई नेता निचले कैडरों को व्यक्तिगत दासों की तरह व्यवहार करते हैं और शहरों या विदेश में बेहतर भविष्य का झूठा वादा करते हैं."


आत्मसमर्पण करने वाले सभी 16 माओवादियों को 50,000 रुपये की प्रारंभिक सहायता प्रदान की गई है, और उन्हें सरकार की पुनर्वास नीति के अनुसार आगे सहायता दी जाएगी. (फोटो- प्रतीकात्मक)

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP