छत्तीसगढ़ में मिशन कर्मयोगी कर्मचारियों की क्षमता बढ़ायेगा
रायपुर । संवाददाता: रायपुर में मंगलवार को छत्तीसगढ़ में मिशन कर्मयोगी से सिविल सेवकों की क्षमता निर्माण के लिये समझौता हुआ है. छत्तीसगढ़ में सिविल सेवकों की क्षमता निर्माण को बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुये, क्षमता निर्माण आयोग, कर्मयोगी भारत और छत्तीसगढ़ सरकार ने 28 जुलाई 2025 को रायपुर में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये. हस्ताक्षर समारोह छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में आयोजित हुआ.
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि मिशन कर्मयोगी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी पहल है, जो सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों में कर्मयोगी भावना को प्रेरित करेगी. उन्होंने जोर देकर कहा कि यह पहल छत्तीसगढ़ में शासन और सार्वजनिक प्रशासन में उत्कृष्टता की संस्कृति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी.
इस अवसर पर अमिताभ जैन, मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़; डॉ. अलका मित्तल, सदस्य (प्रशासन), क्षमता निर्माण आयोग; सुब्रत साहू, महानिदेशक, छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी; श्रीमती वी. ललितालक्ष्मी, सचिव, क्षमता निर्माण आयोग और मुख्य कार्यकारी अधिकारी, कर्मयोगी भारत; और एस.पी. रॉय, संयुक्त सचिव, क्षमता निर्माण आयोग उपस्थित थे.
इस पहल के तहत, छत्तीसगढ़ में लगभग चार लाख सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को निरंतर प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा, और यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. अब तक लगभग 50,000 अधिकारियों और कर्मचारियों ने ऑनलाइन प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया है.
इसके तहत, सचिवों, विभागाध्यक्षों और विभागीय नोडल अधिकारियों के लिये एक ओरिएंटेशन सत्र आयोजित किया गया. सत्र में मिशन कर्मयोगी के दृष्टिकोण को रेखांकित किया गया, जो डिजिटल लर्निंग, भूमिका-आधारित प्रशिक्षण और निरंतर पेशेवर विकास के माध्यम से भविष्य के लिये तैयार और नागरिक-केंद्रित सिविल सेवा बनाने पर केंद्रित है.
कर्मयोगी भारत के मुख्य परिचालन अधिकारी केश वर्मा ने iGOT कर्मयोगी मंच का लाइव प्रदर्शन किया, जिसमें मॉड्यूलर, स्व-गति और सीखने की प्रमुख विशेषताओं को प्रदर्शित किया गया. उन्होंने इस मंच के बढ़ते प्रभाव पर भी जोर दिया, जिससे देश भर में 1.26 करोड़ से अधिक शिक्षार्थी लचीले और आवश्यकता-आधारित क्षमता निर्माण के अवसरों से लाभान्वित हो रहे हैं.