छत्तीसगढ़ में LPG संकट: कमर्शियल सप्लाई में 80% की कटौती
रायपुर । संवाददाता: मध्य-पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण रसोई गैस की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर अब छत्तीसगढ़ में देखने को मिल रहा है. एलपीजी की कम होती आवक और बढ़ती मांग के बीच राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए कमर्शियल (व्यावसायिक) उपभोक्ताओं के लिए गैस की आपूर्ति सीमित कर दी है.
नए आदेश के अनुसार, अब कमर्शियल कनेक्शन धारकों को उनके पिछले महीने के कुल उपयोग का केवल 20 प्रतिशत हिस्सा ही रिफिल के रूप में मिल सकेगा.
खाद्य सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने तेल कंपनियों के क्षेत्रीय प्रमुखों के साथ स्टॉक की समीक्षा की और एक प्राथमिकता सूची तैयार की है.
इस नई व्यवस्था के तहत अस्पताल, शिक्षण संस्थान, सैन्य एवं अर्धसैनिक कैंप, जेल और सरकारी सुविधाओं को वितरण में सबसे ऊपर रखा गया है ताकि अनिवार्य सेवाएं बाधित न हों.
इसके अलावा रेलवे और एयरपोर्ट कैंटीन, सामाजिक कल्याण संस्थानों और होटलों को भी प्राथमिकता श्रेणी में रखा गया है, लेकिन उन्हें आपूर्ति उपलब्धता के आधार पर ही दी जाएगी.
घरेलू उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विभाग ने रिफिल बुकिंग के नियम भी स्पष्ट किए हैं. अब शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के भीतर रिफिल बुकिंग की समयसीमा तय की गई है, जिससे आम जनता को गैस की किल्लत का सामना न करना पड़े.
सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन को एलपीजी वितरण केंद्रों और गोदामों पर पुलिस और होमगार्ड तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं. तेल कंपनियां अब प्रतिदिन कमर्शियल स्टॉक की रिपोर्ट खाद्य विभाग को सौंपेंगी ताकि वितरण की निगरानी की जा सके.