छत्तीसगढ़: कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी का भंडाफोड़
सक्ती । डेस्क: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में पुलिस ने नशीली दवाओं के खिलाफ सख्त अभियान चलाते हुए कोडीन युक्त प्रतिबंधित ऑनरेक्स कफ सिरप की अंतरराज्यीय तस्करी के एक सक्रिय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. इस कार्रवाई में कुल 94 शीशियां (लगभग 9.4 लीटर) नशीला सिरप, एक कार और एक बाइक जब्त की गईं, जबकि चार आरोपियों को हिरासत में लेकर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.
सोमवार को मुखबिर की सूचना पर सक्ती पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की. एसपी प्रफुल्ल ठाकुर, अतिरिक्त एसपी पंकज पटेल और एसडीओपी भुवनेश्वरी पैकरा के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम ने घरघोड़ा निवासी ध्वजा राम कुर्रे और कृष्ण कुमार डडसेना को कार से तथा अड़भार निवासी सिकंदर गबेल (28) और कृष्ण कुमार जांगड़े को बाइक से सिरप रिसीव करते समय खरसिया-अड़भार सड़क पर घेराबंदी कर पकड़ा. तलाशी में कार (क्रमांक CG 13 BF 3626) और बाइक से 94 शीशियां बरामद हुईं.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह नशीला सिरप हिमाचल प्रदेश की कुछ फार्मास्यूटिकल कंपनियों में वैध चिकित्सकीय उपयोग के नाम पर बनाया जा रहा था. इसके बाद इसे ओडिशा के रास्ते छत्तीसगढ़ में लाकर नशे के लिए युवाओं के बीच बेचा जा रहा था.
जांच में पता चला कि बाजार में 200 रुपये कीमत वाली एक शीशी को नशेड़ियों को 500 रुपये या उससे ज्यादा में बेचा जाता था. मात्र 10-20 मिलीलीटर की छोटी मात्रा ही व्यक्ति को कई घंटों तक सुस्त और बेहोश जैसी स्थिति में डाल देती है, जिस कारण यह सिरप ग्रामीण इलाकों में तेजी से लोकप्रिय हो रहा था.
पुलिस ने कहा कि गिरोह ओडिशा के दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों में कम निगरानी का फायदा उठाकर थोक में स्टॉक जमा करता था और फिर छोटे-छोटे लॉट में बाइक व कार के माध्यम से खरसिया, अड़भार, पोता तथा आसपास के गांवों में सप्लाई करता था.
एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने स्पष्ट किया कि नशीली दवाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है. जब्त वाहनों को राजसात कर नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी तथा पूरे सप्लाई चेन की गहन जांच कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जाएगा.