हाईकोर्ट: सिर्फ परीक्षा देने से नियुक्ति का अधिकार नहीं मिलता
बिलासपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने निरीक्षक (legal meteorology) के पदों के लिए आयोजित विभागीय परीक्षा को रद्द किए जाने के खिलाफ दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया है. न्यायमूर्ति अमितेन्द्र किशोर प्रसाद की पीठ ने महत्वपूर्ण व्यवस्था देते हुए स्पष्ट किया कि किसी परीक्षा में केवल शामिल होने मात्र से उम्मीदवारों को नियुक्ति या परिणाम घोषित करवाने का कोई निहित अधिकार प्राप्त नहीं होता.
यह मामला वर्ष 2021 के विज्ञापन से शुरू हुआ था, जिसमें सहायक ग्रेड-III कर्मचारियों ने प्रमोशन के लिए आवेदन किया था.
दरअसल, राज्य के 2013 के नियमों में न्यूनतम योग्यता साधारण स्नातक थी, जिसे बाद में केंद्र सरकार के 'legal meteorology (सामान्य) नियम, 2011' के विपरीत पाया गया. केंद्रीय नियमों के तहत इस पद के लिए भौतिकी के साथ स्नातक या इंजीनियरिंग की डिग्री अनिवार्य है.
राज्य सरकार ने वैधानिक विसंगति को दूर करने के लिए जनवरी 2023 में पूरी भर्ती प्रक्रिया ही रद्द कर दी थी.
याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि चयन प्रक्रिया शुरू होने के बाद "खेल के नियम" नहीं बदले जा सकते.
अदालत ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य के भर्ती नियम केंद्रीय कानून के अधीनस्थ हैं. कोर्ट ने माना कि यदि चयन प्रक्रिया कानूनी प्रावधानों के अनुरूप नहीं है, तो राज्य के पास उसे बीच में ही रोकने की पूरी शक्ति है.