छत्तीसगढ़ HC: निवास विवाद में नवोदय विद्यालय के बच्चों का दाखिला रद्द करना गलत, तुरंत दें एडमिशन
बिलासपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने पीएम-श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, दुर्ग को उन कक्षा 6 के छात्रों को प्रवेश देने के आदेश को बरकरार रखा है, जिनका अनंतिम चयन "निवास के जिले में बेमेल" (Mismatch in District of Residence) का हवाला देकर रद्द कर दिया गया था.
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने केंद्र सरकार, नवोदय विद्यालय समिति और जेएनवी दुर्ग के प्राचार्य द्वारा दायर अपीलों को खारिज करते हुए कहा कि किसी भी बच्चे को प्रशासनिक आधार पर शिक्षा के अवसर से वंचित नहीं किया जा सकता.
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दस्तावेज सत्यापन के दौरान उम्मीदवारों का चयन केवल तकनीकी या अस्पष्ट टिप्पणियों के आधार पर रद्द नहीं किया जाना चाहिए. जिन छात्रों ने दुर्ग से कक्षा 5वीं पास की है और सक्षम अधिकारियों द्वारा जारी निवास प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया है, वे नियमानुसार प्रवेश के पात्र हैं.
अदालत ने कहा कि जब तक निवास प्रमाण पत्र को अमान्य या फर्जी घोषित न किया जाए, तब तक उसे खारिज नहीं किया जा सकता.
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 (समता का अधिकार) और 21-ए (शिक्षा का अधिकार) का हवाला देते हुए हाईकोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि यदि आवश्यक हो तो अतिरिक्त (सुपरन्यूमरेरी) सीटें सृजित करके भी इन छात्रों का प्रवेश सुनिश्चित किया जाए.