छत्तीसगढ़ के पूर्व गृह सचिव बीकेएस रे का निधन
रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी, पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव बी.के.एस. रे का सोमवार देर रात निधन हो गया. वे 77 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे. उनके निधन की खबर से प्रशासनिक, सामाजिक और साहित्यिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है.
1 जून 1949 को जन्मे बिजय किशोर सुंदर रे भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1972 बैच के अधिकारी थे. अविभाजित मध्यप्रदेश और बाद में छत्तीसगढ़ में उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया. प्रशासनिक सेवा के दौरान वे गृह, परिवहन एवं विमानन जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके थे. वर्ष 2007 में उन्हें छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के महानिदेशक तथा माध्यमिक शिक्षा मंडल एवं व्यावसायिक परीक्षा मंडल के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी.
अपने प्रशासनिक जीवन में रे को एक ऐसे अधिकारी के रूप में जाना जाता था, जो व्यवस्था की जटिलताओं को समझने के साथ-साथ मानवीय दृष्टिकोण को भी महत्व देते थे. शिक्षा, प्रशासनिक प्रशिक्षण और सुशासन से जुड़े विषयों में उनकी विशेष रुचि थी. सेवानिवृत्ति के बाद भी वे सार्वजनिक विमर्श, शिक्षा और सामाजिक मुद्दों पर लगातार सक्रिय रहे.
साल 2009 में सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने साहित्य को अपना पूर्णकालिक कर्मक्षेत्र बना लिया. प्रशासनिक अनुभवों, सामाजिक विसंगतियों और मानवीय संघर्षों को उन्होंने अपनी रचनाओं का आधार बनाया. उन्होंने 50 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया, जिनमें उपन्यास, कविता संग्रह, नाटक और समसामयिक विषयों पर आधारित कृतियां शामिल हैं.
उनकी चर्चित पुस्तकों में The Boy from Bhubaneswar, The Blind Horizon, The Turmoil और कविता संग्रह Something Goes Beyond Me प्रमुख हैं. उनकी रचनाओं में सत्ता और समाज के रिश्ते, नैतिक दुविधाएं, भ्रष्टाचार, प्रशासनिक चुनौतियां और आम नागरिक के संघर्ष प्रमुख विषय रहे.
उनके निधन पर पूर्व और वर्तमान प्रशासनिक अधिकारियों, साहित्यकारों तथा सामाजिक संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त किया है.