छत्तीसगढ़: LPG आपूर्ति पर सरकार के दावों और जमीनी हकीकत में टकराव
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में एलपीजी (LPG), पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए दावा किया है कि प्रदेश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है. खाद्य सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले की अध्यक्षता में हुई बैठक में तेल कंपनियों ने आश्वस्त किया कि सभी पांच बॉटलिंग प्लांट पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं और घरेलू आपूर्ति सामान्य है.
सरकार ने उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-233-3663 भी जारी किया है.
हालांकि, सरकारी आश्वासनों के उलट जमीनी स्तर पर हालात अलग नजर आ रहे हैं. बिलासपुर और दुर्ग जैसे बड़े जिलों में उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि सिलेंडर की बुकिंग में 15 से 25 दिनों तक की देरी हो रही है और सर्वर की समस्याओं के कारण ओटीपी जनरेट नहीं हो पा रहा है.
बढ़ती शिकायतों के बीच प्रशासन ने कालाबाजारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
बिलासपुर के सरकंडा और महामाया चौक इलाके में छापेमारी कर भारी मात्रा में घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर जब्त किए गए हैं.
वहीं, कमर्शियल सिलेंडरों की किल्लत के कारण अंबिकापुर जैसे शहरों में होटल संचालकों को लकड़ी के चूल्हों का सहारा लेना पड़ रहा है.
वर्तमान में कमर्शियल गैस की आपूर्ति केवल अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे अनिवार्य क्षेत्रों तक सीमित कर दी गई है, हालांकि सरकार अब होटलों को 15 प्रतिशत आपूर्ति देने पर विचार कर रही है.
छत्तीसगढ़ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने अपने सदस्यों को पैनिक न होने और बिजली के उपकरणों जैसे वैकल्पिक साधनों को अपनाने की सलाह दी है. शासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि घरेलू सिलेंडरों का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी. Symbolic Photo