नशीले इंजेक्शनों के अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़
चिरमिरी । डेस्क: छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है. चिरमिरी पुलिस ने एक ऐसे सुनियोजित सिंडिकेट को ध्वस्त किया है, जिसके तार छत्तीसगढ़ के अलावा तेलंगाना और झारखंड से जुड़े हुए थे.
इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सूत्रधार रसल एक्का अब पुलिस की गिरफ्त में है. थाना प्रभारी विजय सिंह के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई की शुरुआत शेख अल्ताफ और किशन रजक की गिरफ्तारी से हुई, जिनके पास से नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए थे.
सघन पूछताछ के दौरान शुभम यादव और फिर मुख्य सरगना रसल एक्का का नाम उजागर हुआ, जिसे पुलिस की स्पेशल टीम ने तकनीकी निगरानी और मोबाइल लोकेशन की मदद से घेराबंदी कर दबोच लिया.
पुलिस की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. बताया गया है कि रसल एक्का नशे के इस काले कारोबार से होने वाली कमाई को ऐशो-आराम पर खर्च करता था.
हाल ही में उसने गोवा की एक यात्रा के दौरान अपनी महिला मित्र के साथ महज कुछ ही दिनों में 5 लाख रुपये खर्च कर डाले थे.
गिरोह का वित्तीय प्रबंधन संभालने वाले वैंदला वासु को पकड़ने के लिए पुलिस टीम ने हैदराबाद के बोराबंदा इलाके में दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर चिरमिरी लाया गया.
रसल शातिर तरीके से बैंकिंग लेन-देन के लिए अपने खातों के बजाय सहयोगियों के खातों का उपयोग करता था ताकि कानून की नजरों से बचा जा सके.
गिरोह झारखंड के गढ़वा से यात्री बसों के जरिए नशे की खेप मंगवाता था. इस मामले में सूरजपुर निवासी रजत कुमार समेत सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है. रसल के खिलाफ पहले भी अंबिकापुर और मनेंद्रगढ़ जैसे क्षेत्रों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं.