छत्तीसगढ: परीक्षा में हाई-टेक नकल कांड
बिलासपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में परीक्षा में हाई-टेक नकल कांड का पर्दाफाश हुआ है. छत्तीसगढ़ के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की इंजीनियरिंग पदों के लिए आयोजित भर्ती परीक्षा में एक हाई-टेक नकल कांड ने प्रशासन और राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है. इस घटना ने राज्य में परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं.
घटना बिलासपुर के सरकंडा क्षेत्र में स्थित रामदुलारे स्कूल में हुई, जहां एक महिला अभ्यर्थी पर आरोप है कि उसने अपने कपड़ों में छिपाये गये इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के जरिये परीक्षा के दौरान बाहरी सहायता ली.
सूत्रों के अनुसार, परीक्षा केंद्र के बाहर एक टैबलेट और वॉकी-टॉकी सिस्टम के माध्यम से एक बाहरी व्यक्ति उत्तर भेज रहा था. इस गड़बड़ी से परीक्षा हॉल में अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप किया.
इस घटना का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने इस घटना को लेकर बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है. पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता टी.एस. सिंहदेव ने इसे "बेहद चिंताजनक" करार देते हुए दावा किया कि यह भर्ती प्रक्रियाओं में संगठित अनियमितताओं का हिस्सा है.
सिंहदेव ने सोशल मीडिया पर लिखा, "यह कोई अलग-थलग मामला नहीं है. माइक्रो डिवाइस, वॉकी-टॉकी और रिमोट ट्रांसमिशन का इस्तेमाल एक सुनियोजित साजिश की ओर इशारा करता है. बीजेपी शासित राज्यों में पेपर लीक, भर्ती घोटाले और अब नकल जैसे मामले आम हो गये हैं." उन्होंने उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश और नीट परीक्षा में भी ऐसी ही अनियमितताओं का जिक्र किया.
हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) में भी अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे थे. अब विपक्ष में रहते हुये कांग्रेस इस विवाद का इस्तेमाल बीजेपी सरकार पर दबाव बढ़ाने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से जुड़ने के लिए कर रही है.
प्रशासन ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "सरकारी एजेंसियां इस मामले की गहन जांच कर रही हैं. दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी."