भूपेश बघेल ने राहुल गांधी की सुरक्षा पर जताई चिंता
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार और गृहमंत्री अमित शाह पर जमकर हमला बोला. उन्होंने राहुल गांधी को मिल रही धमकियों को गंभीर बताते हुए भाजपा पर हिंसक राजनीति करने का आरोप लगाया. साथ ही, बघेल ने नक्सल नीति, जीएसटी दरों और लद्दाख में सोनम वांगचुक के आंदोलन जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरा.
राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर चिंता
भूपेश बघेल ने राहुल गांधी को मिली धमकियों को देश की लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए खतरा बताया. उन्होंने कहा कि भाजपा राहुल गांधी के प्रभाव को कम करने के लिए इस तरह की हरकतों का सहारा ले रही है, क्योंकि वह उनका वैचारिक सामना नहीं कर पा रही. बघेल ने सुरक्षा एजेंसियों से राहुल गांधी की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की.
नक्सल नीति पर तंज, ‘रेड कारपेट’ बयान पर सवाल
गृहमंत्री अमित शाह के हालिया बयान, जिसमें उन्होंने कहा था कि नक्सलियों के आत्मसमर्पण पर ‘रेड कारपेट’ बिछाया जाएगा, पर बघेल ने तीखा तंज कसा. उन्होंने पूछा कि अब तक कितने नक्सलियों के लिए केंद्र सरकार ने ऐसा स्वागत किया है. बघेल ने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में हमेशा अंतर रहता है, जिसे जनता स्पष्ट रूप से देख रही है.
जीएसटी, यूरिया संकट और सुशासन मॉडल पर हमला
केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए बघेल ने कहा कि जीएसटी दरों में कटौती का ढोल पीटा जा रहा है, लेकिन बाजार में उदासी छाई है और व्यापारी परेशान हैं. उन्होंने किसानों के बीच यूरिया की कमी और जंगलों की अंधाधुंध कटाई का मुद्दा भी उठाया. बघेल ने मोदी सरकार के ‘सुशासन मॉडल’ को पूरी तरह विफल करार दिया.
लद्दाख के आंदोलन की अनदेखी
बघेल ने लद्दाख में सोनम वांगचुक और स्थानीय लोगों के आंदोलन का जिक्र करते हुए सरकार की उदासीनता पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि पिछले पांच सालों से सरकार इस आंदोलन को नजरअंदाज कर रही है और संवाद की बजाय गिरफ्तारियां कर रही है. बघेल ने आरोप लगाया कि भाजपा ने लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का वादा किया था, जो आज तक पूरा नहीं हुआ.