भिलाई स्टील प्लांट में भीषण आग
दुर्ग । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट में शुक्रवार-शनिवार रात को भीषण आग लग गई. प्लांट के ब्लास्ट फर्नेस-8 में वेस्ट कैचर अचानक फट गया. जिससे तेज धमाके के साथ भीषण आग लग गई.
हादसे के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई. तत्काल इसकी सूचना भिलाई स्टील के प्रबंधन को दी गई. बीएसपी के दमकल दल मौके पर पहुंचे. लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया.
गौरतलब है कि ब्लास्ट फर्नेस-8 से प्रतिदिन करीब 9,000 टन इस्पात का उत्पादन किया जाता है. आग लगने से उत्पादन पर सीधा असर पड़ा है.
इस्पात प्रबंधन ने फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के तहत प्रोडक्शन जारी रखने की कोशिश शुरू कर दी है.
हादसे के बाद प्रबंधन ने आग लगने के कारणों की जांच के लिये आदेश दे दिया है. इस घटना से किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है.
भिलाई इस्पात संयंत्र
भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP), स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) की एक प्रमुख इकाई है, जो भारत की औद्योगिक क्षमता का प्रतीक है. छत्तीसगढ़ के भिलाई में स्थित यह संयंत्र अपनी एकीकृत इस्पात उत्पादन सुविधाओं, तकनीकी प्रगति, और राष्ट्र की बुनियादी ढांचा विकास में महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रसिद्ध है. 1955 में पूर्व सोवियत संघ की सहायता से स्थापित इस संयंत्र को भारत की औद्योगिक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत आधारशिला के रूप में विकसित किया गया.
1959 में उत्पादन शुरू करने के बाद से, यह संयंत्र भारत के प्रमुख इस्पात उत्पादकों में से एक बन गया है और इसे कई सम्मान प्राप्त हुए हैं, जिनमें "प्रधानमंत्री ट्रॉफी" (Best Integrated Steel Plant) भी शामिल है.
BSP, भारतीय रेलवे को रेल की आपूर्ति करने वाला एकमात्र संयंत्र है. यहां के यूनिवर्सल रेल मिल (URM) में दुनिया की सबसे लंबी 130 मीटर की एकल रेल पट्टियाँ बनाई जाती हैं. इन्हें जोड़कर 260 मीटर की रेल पैनल तैयार की जाती हैं, जिससे जोड़ कम होते हैं और पटरियों की स्थिरता व सुरक्षा बढ़ती है.