सही नीतियों और मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति से माओवादी आतंक का खात्मा- PM मोदी
छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में सीआरपीएफ कैंप पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरक्षाकर्मियों के साथ दिवाली मनाई और कहा कि सही नीतियों, सुदृढ़ रणनीति और 2014 के बाद मिली राजनीतिक इच्छाशक्ति के बल पर देश से नक्सलवाद का सफाया संभव हो पाया है.
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में सीआरपीएफ कैंप में सुरक्षाकर्मियों के साथ दिवाली का जश्न मनाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार 8 नवंबर 2026 को कहा कि माओवादी आतंक का अंत देश की सही नीतियों और एक मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति की विजय है. पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा उठाए गए कड़े कदमों ने माओवादियों और अलगाववादियों की फंडिंग पर बहुत बड़ा प्रहार किया है.
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार के फैसलों ने नकली नोटों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया और माओवादियों के साथ-साथ अलगाववादियों की सप्लाई लाइन को पूरी तरह से सुखा दिया.
नक्सलवाद के खिलाफ इस लड़ाई को कठिन बताते हुए उन्होंने याद दिलाया कि एक समय ऐसा भी था जब देश के लगभग 20 राज्यों के 230 से भी अधिक जिले नक्सल समस्या से बुरी तरह प्रभावित थे.
माओवादी आतंक और नक्सलवाद के खिलाफ इस संघर्ष को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्र के दुश्मनों को अडिग संकल्प और एक सुनियोजित रणनीति के साथ कुचला जाना जरूरी है.
वर्ष 2014 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जब देशवासियों ने इस 'प्रधान सेवक' को मां भारती की सेवा करने का अवसर दिया, तब देश में वर्षों से महसूस की जा रही राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी को दूर किया गया.
पीएम मोदी ने यह भी रेखांकित किया कि 47 वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ है कि बीते एक साल के दौरान ड्यूटी के दौरान किसी भी सीआरपीएफ जवान ने अपनी जान नहीं गंवाई है.