बस्तर में CRPF ने बनाया 45 मीटर बर्मा ब्रिज
रायपुर । संवाददाता: केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में डोंगम नाला के ऊपर 45 मीटर लंबा बर्मा ब्रिज बनाकर मॉनसून की बाधाओं को पार कर लिया है. यह ब्रिज कुरचोली फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (FOB) को गंगालूर अक्ष से जोड़ता है, जिससे साल भर आपूर्ति और आवागमन सुनिश्चित हो सकेगा.
CRPF की 222वीं बटालियन द्वारा निर्मित इस ब्रिज ने बस्तर के सबसे दुर्गम गांवों तक पहुंच को आसान बना दिया है.
एक वरिष्ठ CRPF अधिकारी ने कहा, "मार्च में रेकी के दौरान हमें पता था कि मॉनसून में यह नाला सबसे बड़ी चुनौती होगा. लेकिन हमारे जवानों ने असंभव को संभव कर दिखाया." यह CRPF द्वारा क्षेत्र में बनाया गया पहला बर्मा ब्रिज है, जो कुरचोली में तैनात 222वीं बटालियन और 202 कोबरा के 250 से अधिक जवानों के लिए निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित करता है.
गौरतलब है कि डोंगम नाला, जो भारी बारिश में 50 मीटर से अधिक चौड़ा हो जाता है और पानी का स्तर 12 फीट तक बढ़ जाता है, लंबे समय से ग्रामीणों और सुरक्षा बलों के लिए मौसमी बाधा रहा है.
एक CRPF अधिकारी ने कहा, "बस्तर में बर्मा ब्रिज का निर्माण असामान्य है. यह पहली बार है जब CRPF ने ऐसी सुविधा बनाई है, ताकि मॉनसून में गांव टापू न बन जाएं."
यह ब्रिज तोड़का, कुरचोली, सावनार और लेंद्र गांवों के 600 से अधिक निवासियों को गंगालूर अक्ष से सीधे जोड़ेगा. कुरचोली फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस , जो इस साल 9 मार्च को स्थापित किया गया था, को जिला मुख्यालय से जोड़ने में यह नाला बाधा बनता था, जिससे राशन, दवाइयों और स्वास्थ्य सुविधाओं की आपूर्ति प्रभावित होती थी.
चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में निर्मित यह बर्मा ब्रिज मॉनसून के दौरान भी चालू रहेगा. CRPF का कहना है कि बारिश कम होने के बाद एक स्थायी ब्रिज बनाने की योजना है.