छत्तीसगढ़ विधानसभा: जंबूरी आयोजन में गड़बड़ी के आरोपों पर विपक्ष का वॉकआउट
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का आठवां दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया. कांग्रेस विधायक उमेश पटेल द्वारा जंबूरी कार्यक्रम में भ्रष्टाचार और टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता के आरोपों ने सदन का तापमान बढ़ा दिया.
उमेश पटेल ने आरोप लगाया कि जंबूरी के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही काम शुरू कर दिया गया था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि ठेकेदार पहले से तय थे. इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार को घेरते हुए उच्च स्तरीय समिति से जांच कराने की मांग की. विपक्ष के तीखे तेवरों और नारेबाजी के बीच कांग्रेस सदस्यों ने सदन से वॉकआउट कर दिया.
जवाब में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने स्पष्ट किया कि टेंडर तकनीकी कारणों से दोबारा जारी किए गए थे और नेशनल स्काउट गाइड काउंसिल के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही कार्य हुआ है. उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया.
वहीं, सदन में बुनियादी ढांचे और पर्यावरण के मुद्दों पर भी चर्चा हुई. विधायक विक्रम उसेंडी ने रायपुर में दशकों पुराने पुलों के जीर्णोद्धार में देरी का मुद्दा उठाया, जिस पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि लंबित 20 पुलों का काम ठेकेदारों के हटने के कारण रुका है और जल्द ही इन्हें पूरा किया जाएगा.
इसके अलावा, विधायक अनुज शर्मा ने औद्योगिक कचरे से भूजल प्रदूषण का मामला उठाया, जिस पर मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया. शून्यकाल के दौरान विधायक राकेश सेन को मिली जान से मारने की धमकी के मुद्दे पर भी विपक्ष ने सरकार को घेरा और सुरक्षा की मांग करते हुए दूसरी बार सदन से बहिर्गमन किया.