छत्तीसगढ़: राजस्व निरीक्षकों के खिलाफ ACB-EOW की बड़ी कार्रवाई
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने बुधवार को एक समन्वित अभियान चलाते हुए सात जिलों में 20 ठिकानों पर छापे मारे. यह कार्रवाई उन अधिकारियों को निशाना बनाकर की गई है जिन्हें पटवारी से राजस्व निरीक्षक (RI) के रूप में पदोन्नत किया गया था और जो कथित रूप से अनियमित चयन और आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की जांच के दायरे में हैं.
रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, गरियाबंद, अंबिकापुर, महासमुंद और जगदलपुर में अधिकारियों के आवासों, कार्यालयों, निजी संपत्तियों और पैतृक संपत्तियों पर सुबह-सुबह तलाशी शुरू हुई. विभाग के सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई 2024 पटवारी-से-आरआई भर्ती परीक्षा से जुड़ी शिकायतों के आधार पर की गई है. शिकायतों में अंकों में हेरफेर, प्रक्रियात्मक उल्लंघन, बाहरी प्रभाव और अधिकारियों के करीबी रिश्तेदारों को तरजीह देने के आरोप शामिल हैं.
प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिला है कि पदोन्नत अधिकारियों के पास उनकी ज्ञात आय स्रोतों से कहीं अधिक की संपत्ति है. छापेमारी के दौरान, टीमों ने कथित तौर पर नकद, सोने और चांदी के आभूषण, उच्च मूल्य के संपत्ति दस्तावेज और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के सबूत वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं. हालांकि ACB-EOW ने अभी तक कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन जब्त सामग्री की सूची तैयार की जा रही है.
7 जनवरी 2024 को आयोजित भर्ती परीक्षा में 2,600 से अधिक पटवारियों ने भाग लिया था, जिनमें से शुरू में 216 उम्मीदवारों को प्रशिक्षण के लिए चुना गया था. हालांकि, अंततः केवल 13 को ही पात्र पाया गया, जबकि एक समिति ने 22 उम्मीदवारों के चयन पर सवाल उठाए थे. शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि बड़ी संख्या में परीक्षार्थी सेवारत अधिकारियों के करीबी रिश्तेदार थे, जो व्यवस्थित हेरफेर का संकेत देता है.
चल रही यह जांच यह स्थापित करने पर केंद्रित है कि क्या कथित अनियमितताओं ने पदोन्नति को प्रभावित किया और अवैध संपत्ति के संचय को सुविधाजनक बनाया. जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद आगे की कार्रवाई होने की उम्मीद है. अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जांच बढ़ने पर और छापे तथा संदिग्धों से पूछताछ की जा सकती है.