रायगढ़ में 15 दिनों में 1 करोड़ का अवैध धान जब्त
रायगढ़ । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में 15 दिनों में 1 करोड़ रुपये का अवैध धान जब्त किया गया है. समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे सख्त अभियान के तहत, छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में विगत 15 दिनों में 30 प्रकरणों में कुल 3,266 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया है. इस जब्त धान की कीमत ₹3,100 प्रति क्विंटल के हिसाब से 1 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है.
जिले की सभी अंतर्राज्यीय सीमाओं और आंतरिक क्षेत्रों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि अवैध भंडारण और परिवहन को रोका जा सके. इस कार्य में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई की जा रही है, जिसके तहत मंडी अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है. जिले की सीमाओं पर स्थित सभी चेक पोस्टों पर 24x7 निगरानी के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई है, साथ ही अनुविभागीय स्तर पर विशेष निगरानी दल सक्रिय हैं.
अवैध धान की आवाजाही रोकने के लिए भुईंयापाली, बेलरिया, लारा, रेंगालपाली, उर्दना बेरियर, बोईरदादर बेरियर सहित कुल 24 अंतराज्यीय और आंतरिक चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं, जहाँ तीन-तीन पालियों में चार टीमें तैनात हैं.
जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य 105 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से सुचारु रूप से संचालित हो रहा है. शासन के निर्देशानुसार, सभी केन्द्रों पर मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं, जिनमें से 15 केन्द्रों को संवेदनशील और 4 केन्द्रों को अति-संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है.
खरीदी प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने और किसानों को पारदर्शिता प्रदान करने के लिए "तुंहर टोकन" मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन टोकन की सुविधा दी जा रही है. सोसायटी संचालक सुबह 9:30 बजे से टोकन जारी कर रहे हैं, जो सात दिनों तक वैध रहेंगे.
टोकन जारी करने के लिए आधार आधारित ओटीपी प्रमाणीकरण अनिवार्य किया गया है, जिससे किसान की सहमति के बिना कोई टोकन जारी नहीं हो सकेगा. इसके अतिरिक्त, सेवा सहकारी समितियों में किसानों के लिए माइक्रो एटीएम की सुविधा भी उपलब्ध है, जिसके माध्यम से किसान एटीएम कार्ड का उपयोग करके प्रतिदिन ₹10,000 तक की राशि आहरित कर सकते हैं.
प्रशासन ने सभी नागरिकों और किसानों से अपील की है कि अवैध धान परिवहन या भंडारण की कोई भी जानकारी तुरंत निकटतम पुलिस थाना, तहसील कार्यालय या चेक पोस्ट पर दें. प्रशासन का कहना है कि इस कार्रवाई में सहयोग करने से धान खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता और मजबूती सुनिश्चित होगी.