छत्तीसगढ़: महासमुंद में 520 किलो गांजा जब्त, 9 गिरफ्तार
महासमुंद । डेस्क: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ 'ऑपरेशन निश्चय' के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है. संयुक्त टीम ने अवैध गांजा की 520 किलोग्राम बड़ी खेप जब्त की, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 2 करोड़ 60 लाख रुपये है.
इस कार्रवाई में कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें थोक खरीदार, खुदरा विक्रेता, परिवहन के प्रमुख और मुख्य सरगना शामिल हैं.
यह कार्रवाई 7 जनवरी को थाना कोमाखान में दर्ज नारकोटिक्स एक्ट के मामले में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और जिला पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई. जांच के दौरान पता चला कि तस्कर गांजा ओडिशा से महाराष्ट्र (खासकर पुणे) तक पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस जैसे वाहनों का इस्तेमाल कर रहे थे ताकि संदेह से बचा जा सके.
गिरफ्तार आरोपियों में पुणे का रामदास चंदू सोनवाने प्रमुख है, जो थोक खरीदार के रूप में सक्रिय था. उसका आपराधिक इतिहास रहा है और वह तड़ीपार भी घोषित हो चुका है. उसके दोनों बेटे भी पुणे में गांजा वितरण में शामिल बताए जाते हैं. रामदास की करीब 4 करोड़ रुपये की संपत्ति चिन्हित की गई है.
इस गिरोह का मुख्य सरगना आकाश जाधव भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया है. वह ओडिशा से महाराष्ट्र तक परिवहन नेटवर्क संचालित कर रहा था. पिछले एक साल में उसने कम से कम छह बार ऐसी खेप भेजी थी और पुणे के एक मामले में पिछले छह महीने से फरार था.
हैरत की बात यह है कि आकाश सोशल मीडिया पर 'सर्पमित्र आकाश जाधव' के नाम से काफी लोकप्रिय है, जहां वह सांप बचाव और रेस्क्यू से जुड़ी गतिविधियां दिखाता है. उसके यूट्यूब चैनल पर लगभग 56 लाख से अधिक और इंस्टाग्राम पर 3 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. पुलिस ने उसकी भी करीब 1.5 करोड़ रुपये की संपत्ति चिन्हित की है.
पुलिस ने कुल आरोपियों की लगभग 5.5 करोड़ रुपये की संपत्ति का पता लगाया है, जिस पर SAFEMA (Smugglers and Foreign Exchange Manipulators Act) के तहत कुर्की की प्रक्रिया चल रही है. यह कार्रवाई नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें थोक से लेकर खुदरा स्तर तक सभी लिंक शामिल हैं.