BRICS: पीएम मोदी के डिनर से शी जिनपिंग और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस गायब रहे
नई दिल्ली । डेस्क: नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पहले दिन भव्य रात्रिभोज के आयोजन के साथ ही एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित इस गॉला डिनर में मेहमानों को शुद्ध शाकाहारी भारतीय व्यंजन परोसे गए. हालांकि, इस रात्रिभोज से चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद गायब रहे.
शी जिनपिंग के डिनर में शामिल न होने की कोई आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक वह शिखर सम्मेलन और द्विपक्षीय बैठकों के बाद आराम करने के लिए अपने होटल लौट गए थे. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत अन्य वैश्विक नेता, केंद्रीय मंत्री और कई राज्यों के मुख्यमंत्री इस भव्य आयोजन में मौजूद रहे.
डिनर में परोसे गए विशुद्ध शाकाहारी मेन्यू को लेकर देश में राजनीति गरमा गई है. कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने विदेशी मेहमानों को मांसाहारी व्यंजन न परोसने पर केंद्र सरकार की नीयत पर सवाल उठाए हैं.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लिखा कि भारत की 80 फीसदी आबादी मांसाहारी भोजन पसंद करती है और भारतीय नॉन-वेजिटेरियन खाना बेहद स्वादिष्ट होता है. उन्होंने अपनी बहन द्वारा बनाए गए छोले-भटूरे की तारीफ करते हुए एक तस्वीर भी शेयर की.
कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. शमा मोहम्मद ने तंज कसते हुए कहा कि अगर उन्हें ऐसा मेन्यू मिलता तो वह भी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की तरह होटल लौट जाना पसंद करतीं. वहीं, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने सलाह दी कि विदेशी मेहमानों को सुरक्षाकर्मियों के जरिए पास के करीम्स होटल से 'बुर्रा कबाब' मंगवा लेने चाहिए थे.
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार अपनी खान-पान की प्राथमिकताओं को दुनिया भर के नेताओं पर थोप रही है और भारत की विविध खान-पान संस्कृति को सही तरीके से प्रदर्शित करने में नाकाम रही है.
इस विवाद के बीच, भारत मंडपम में पेश किया गया वेजिटेरियन मेन्यू भारतीय क्षेत्रीय व्यंजनों की विविधता को उजागर करने के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया था.
शुरुआती स्टार्टर्स में खांडवी मिले और मशरूम से बने खुंभ गलौटी कबाब शामिल थे. मुख्य भोजन में पनीर लबाबदार, हिमालयन गुच्छी मशरूम, शतावरी और बीन्स पोरियाल जैसी डिशेस परोसी गईं. इसके साथ मिलेट पुलाव, थक्कली बेले सारू और बीटरूट रायता पेश किया गया, जबकि मिठाई में पुरानी दिल्ली फ्रूट क्रीम, जलेबी और शहतूत फिरनी ने मेहमानों का ध्यान खींचा.
रात्रिभोज के दौरान 100 से अधिक ब्रिक्स कलाकारों के सांस्कृतिक प्रदर्शन ने भी इस शाम को खास बनाया.