बंगाल चुनाव में BJP का संकल्प पत्र: महिलाओं-बेरोजगारों को हर महीने 3000 रुपये
कोलकाता । डेस्क: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को भाजपा का चुनावी घोषणापत्र 'संकल्प पत्र' जारी किया. इस संकल्प पत्र में पार्टी ने लोक-लुभावन वादों और कड़े प्रशासनिक सुधारों का एक मिश्रण पेश किया है. घोषणापत्र का सबसे प्रमुख बिंदु महिलाओं और युवाओं के लिए आर्थिक सहायता है.
भाजपा ने वादा किया है कि राज्य में सत्ता संभालने के बाद प्रत्येक महिला और बेरोजगार युवा को 3,000 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी. यह कदम सीधे तौर पर ममता बनर्जी सरकार की 'लक्ष्मी भंडार' जैसी योजनाओं को टक्कर देने के रूप में देखा जा रहा है.
संकल्प पत्र जारी करते हुए अमित शाह ने राज्य के सांस्कृतिक और सामाजिक मुद्दों पर भी अपनी स्थिति साफ की. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बंगाल में भाजपा की सरकार खान-पान की आदतों में कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी. मछली और अंडे के सेवन पर प्रतिबंध की खबरों को उन्होंने टीएमसी का दुष्प्रचार करार दिया.
इसके अलावा, गृह मंत्री ने राज्य की जनता को यह भरोसा भी दिलाया कि भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री का चेहरा कोई बाहरी नहीं, बल्कि एक बंगाली और बंगाल का नागरिक ही होगा. उन्होंने बिना नाम लिए ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा कोई वंशवादी पार्टी नहीं है जहाँ बुआ के बाद भतीजा ही गद्दी संभाले.
प्रशासनिक और कानूनी मोर्चे पर शाह ने बड़े ऐलान करते हुए कहा कि सरकार बनने के छह महीने के भीतर बंगाल में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाएगी. उन्होंने इसे संवैधानिक आवश्यकता बताते हुए कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति के कारण इसे अब तक रोका गया था.
इसके साथ ही, सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण और राज्य कर्मचारियों के लिए 45 दिनों के भीतर सातवां वेतन आयोग लागू करने का संकल्प लिया गया है. घुसपैठ के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए अमित शाह ने 'डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट' की नीति लागू करने और पशु तस्करी पर पूरी तरह लगाम लगाने का वादा किया, ताकि 'सोनार बांग्ला' के सपने को साकार किया जा सके. File Photo