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छत्तीसगढ़ ही नहीं, दुनिया भर में 'बर्ड फ्लू' का आतंक

छत्तीसगढ़ के कोरिया में फैले बर्ड फ्लू ने दुनिया की चिंता की तरफ इशारा किया है

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02 अप्रै. 2025, 09:03 AM 3 मिनट में पढ़ें 3

कोरिया ही नहीं, वैश्विक चिंता का विषय है 'बर्ड फ्लू'
कोरिया ही नहीं, वैश्विक चिंता का विषय है 'बर्ड फ्लू'

कोरिया | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के कोरिया में बर्ड फ्लू यानि एवियन इन्फ्लूएंजा फैलने से मुर्गियों व अंडों को नष्ट किया जा रहा है. इसके पहले रायगढ़ में बर्ड फ्लू फैलने की घटना सामने आयी थी.


वहां पर काबू पाने के बाद अब कोरिया में फैले बर्ड फ्लू ने मुर्गी पालकों के साथ ही प्रशासन को चिंता में डाल दिया है.


इससे एक खतरा यह भी है कि यह और ज्यादा न फैले व इसकी चपेट में कोई दूसरा पक्षी, जानवर व इंसान न आये. यह सिर्फ बीमारी के लिए खतरा नहीं बल्कि खाद्य संकट के लिए भी चुनौती है.


हाल ही में एफएओ यानि संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि पिछले चार सालों में बर्ड फ्लू का दायरा बढ़ गया है.


जिसके चलते मुर्गियों के साथ ही अन्य घरेलू पक्षी भी इसकी चपेट में आ रहे हैं और मर रहे हैं. इसने दुनिया भर में खाद्य सुरक्षा को प्रभावित किया है और मुर्गी उत्पादों की कीमतों को बढ़ा दिया है.


साथ ही जंगली पक्षियों में भी इसका फैलाव हुआ है, जिससे जैव विविधता को नुकसान हो रहा है.


डाउन टू अर्थ की रिपोर्ट के अनुसार एफएओ की ओर से आयोजित एक बैठक में उप महानिदेशक गोडफ्री मगेन्जी ने कहा कि इस बीमारी का फैलाव अभूतपूर्व है.


जिससे खाद्य सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ रहा है. इससे लोगों की रोजी-रोटी पर असर पड़ रहा है, अर्थव्यवस्था को झटका लग रहा है और उपभोक्ताओं के लिए मुर्गे का मांस और अंडे महंगे हो रहे हैं.


उन्होंने कहा कि पक्षी पालन को बचाने की मुख्य चुनौतियां हैं – ये सुनिश्चित करना कि लोग जो मुर्गियों पर निर्भर हैं, उन्हें मांस और अंडे मिलते रहें.


इसके साथ-साथ जैव विविधता, सुरक्षित व्यापार, और किसानों की आजीविका की भी सुरक्षा करनी है.


एफएओ की उप महानिदेशक बेथ बेकडोल ने कहा कि यह एक वैश्विक समस्या है और इसके समाधान के लिए सबको मिलकर काम करना होगा.


एफएओ पिछले 20 सालों से इस वायरस के खिलाफ काम कर रहा है और अब एफएओ और विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन ने इसे रोकने के लिए एक दस साल की वैश्विक योजना शुरू की है.


बेकडोल ने कहा कि हर देश में मजबूत पशु चिकित्सा प्रणाली होनी चाहिए ताकि हम मिलकर इस बीमारी को फैलने से रोक सकें और जानवरों और इंसानों की सुरक्षा कर सकें.


बैठक में महामारी फंड के लिए भी तीसरी बार वित्तीय प्रस्ताव मांगे गए, जो विश्व बैंक द्वारा चलाया जा रहा है.


इसका उद्देश्य महामारी से निपटने के लिए देशों को और अधिक मदद प्रदान करना है, ताकि स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया जा सके और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग बढ़े. 


फिलहाल कोरिया जिले में बर्ड फ्लू के केस बढ़ने से प्रशासन सकते में है.


जिले के बैकुंठपुर स्थित शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र में एवियन इंफ्लुएंजा (बर्ड फ्लू) के संक्रमण की पुष्टि के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया है.


प्रशासन ने पोल्ट्री उत्पादों पर सख्त प्रतिबंध और इन्फेक्टेड जोन में पोल्ट्री उत्पादों की आवाजाही पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है.


इसके साथ ही, सर्विलांस जोन में पोल्ट्री और सह उत्पादों (मुर्गा, अंडा आदि) के बाजार और दुकानों को बंद कर दिया गया है. इसके अलावा डोर-टू-डोर डिलीवरी भी रोक दी गई है. 


बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने संक्रमित पक्षियों को मार दिया है. इनमें 2,487 मुर्गे-मुर्गियां, 2,448 पाले गए बटेर पक्षी, 9,998 कुक्कुट चूजे शामिल हैं.


जबकि 19,095 कुक्कुट अंडे, 200 बटेर अंडे और 7,500 किलो कुक्कुट आहार को नष्ट कर दिया गया है.


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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP