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बेंगलुरु: स्कूल में 6वीं के छात्र की संदिग्ध मौत, परिजनों ने लगाया पिटाई का आरोप

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09 जुल. 2026, 06:49 AM 3 मिनट में पढ़ें 3

सांकेतिक फोटो
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बेंगलुरु । डेस्क: उत्तर बेंगलुरु के कडायारप्पनहल्ली स्थित 'स्टर्लिंग इंग्लिश रेजिडेंशियल स्कूल' में एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां कक्षा 6 में पढ़ने वाले 12 वर्षीय छात्र गुरु किरण की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. इस घटना के बाद से मृतक बच्चे के परिजनों में भारी आक्रोश है और उन्होंने स्कूल प्रशासन पर पारदर्शिता न बरतने तथा शारीरिक प्रताड़ना देने का गंभीर आरोप लगाया है.


परिजनों के अनुसार, 8 जुलाई की सुबह स्कूल प्रशासन ने उन्हें फोन पर सूचना दी कि गुरु किरण की तबीयत खराब हो गई है और उसे अस्पताल ले जाया गया है. हालांकि, जब तक माता-पिता अस्पताल पहुंचे, मासूम दम तोड़ चुका था. स्कूल प्रबंधन का कहना है कि बच्चे की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है, लेकिन परिजनों ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है. 

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बच्चे के चाचा मल्लिकार्जुन का कहना है कि गुरु किरण पूरी तरह स्वस्थ था और उसे पहले से कोई बीमारी नहीं थी. उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल स्टाफ कुछ छिपाने की कोशिश कर रहा है.


परिजनों को स्कूल में ही पढ़ने वाले एक अन्य छात्र से पता चला है कि शारीरिक शिक्षा (पीटी) शिक्षक ने सुबह 5 बजे छात्रों को जगाया था. आरोप है कि शिक्षक ने किसी बात पर गुरु किरण की गर्दन पर जोरदार थप्पड़ मारा और उसे मैदान के चक्कर लगाने की सजा दी. 


चश्मदीद छात्र के मुताबिक, जब गुरु किरण तीसरा चक्कर लगा रहा था, तभी वह अचानक बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा. परिजनों ने यह भी दावा किया कि स्कूल में बच्चों को छोटी-मोटी बातों पर बेरहमी से डंडों से पीटा जाता है.


इस मामले में स्कूल प्रशासन की भूमिका तब और संदिग्ध हो गई जब परिजनों ने घटना के समय की सीसीटीवी फुटेज मांगी. स्कूल प्रबंधन ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि उस समय सभी सीसीटीवी कैमरे 'आउट ऑफ ऑर्डर' यानी खराब थे. परिजनों ने इसे सच को दबाने की साजिश बताते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. 


मीडिया द्वारा इस संबंध में स्कूल प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला.


घटना की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग और पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गए हैं. बेंगलुरु उत्तर तालुक के सार्वजनिक निर्देश उप निदेशक अंजनप्पा ने बताया कि विभाग ने स्कूल का निरीक्षण करने के बाद प्राथमिकी दर्ज करा दी है. सुरक्षा के मद्देनजर हॉस्टल में रह रहे सभी 115 बच्चों को उनके घर भेज दिया गया है और मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है.


वहीं, घटना के बाद बगालुर पुलिस स्टेशन और स्कूल परिसर के बाहर भारी तनाव देखा गया. गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया. जब पुलिस पूछताछ के लिए आरोपी पीटी शिक्षक को थाने लेकर आई, तो आक्रोशित भीड़ ने उस पर हमला करने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप कर भीड़ को तितर-बितर करना पड़ा. 


उत्तर-पूर्वी संभाग के डीसीपी मिथुन कुमार जी.के. ने बताया कि पुलिस ने पीड़ित परिवार के लिखित बयान दर्ज कर लिए हैं और मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है. फिलहाल पुलिस स्कूल के अन्य कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है और मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP