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बस्तर: स्मार्ट मीटर और बिजली बिलों में वृद्धि पर कांग्रेस का जन-आंदोलन का ऐलान

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02 अग. 2026, 03:11 AM 2 मिनट में पढ़ें 6

बस्तर कांग्रेस
बस्तर कांग्रेस

बस्तर । संवाददाता: बस्तर में बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी ने बिजली दरों में हुई लगातार वृद्धि, स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता और 'बस्तर पंडुम' के आयोजन पर हुए खर्च को लेकर राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है. शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने घोषणा की है कि कांग्रेस 1 अगस्त से पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन चलाएगी. इस अभियान के तहत 2 अगस्त से पार्टी कार्यकर्ता घर-घर जाकर नागरिकों से आवेदन भरवाएंगे, जिनमें स्मार्ट मीटरों को हटाने तथा बढ़ाई गई बिजली दरों को वापस लेने की मांग शामिल होगी. 


दो महीने तक चलने वाले इस जन-संपर्क अभियान के बाद जिला मुख्यालयों में बिजली विभाग के कार्यालयों का घेराव कर ये आवेदन सौंपे जाएंगे, जिसके उपरांत मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने की रणनीति बनाई गई है.

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कांग्रेस नेतृत्व ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद से बिजली की दरों में पांच बार बढ़ोतरी की जा चुकी है, जिससे घरेलू, व्यावसायिक और कृषि उपभोक्ताओं पर भारी आर्थिक बोझ पड़ा है.


पार्टी ने मांग की है कि 400 यूनिट तक 'बिजली बिल हाफ योजना' को तत्काल पुन: बहाल किया जाए और बढ़ी हुई दरों को रद्द किया जाए. 


इसके साथ ही स्मार्ट मीटरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस ने कहा कि बिना उपभोक्ताओं की पूर्व सहमति के इन्हें लगाया जा रहा है, जिससे बिजली की खपत अधिक दर्ज हो रही है और बिलों में भारी वृद्धि देखी जा रही है. पार्टी का स्पष्ट रुख है कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था को अनिवार्य करने के बजाय पूरी तरह से वैकल्पिक रखा जाना चाहिए.


बिजली के मुद्दे के साथ-साथ कांग्रेस ने सांस्कृतिक आयोजनों में वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप भी लगाए हैं. सुशील मौर्य के अनुसार, 'बस्तर पंडुम' आदिवासी समाज की एक समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर है, लेकिन वर्तमान सरकार इसे राजनीतिक प्रचार के साधन के रूप में इस्तेमाल कर रही है. 


उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रपति और केंद्रीय गृह मंत्री के दौरों के दौरान टेंट, कुर्सी व पंडाल व्यवस्थाओं के नाम पर करोड़ों रुपये का बेजा खर्च किया गया. कांग्रेस ने 'बस्तर पंडुम' के साथ-साथ 'बस्तर ओलंपिक' के बजट पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि इस धन का उपयोग बस्तर में बुनियादी सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने में किया जाना चाहिए था.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP