अंटार्कटिका में रूस ने विशाल तेल भंडार खोजा
नई दिल्ली । डेस्क: रूस ने अंटार्कटिका के वेडेल सागर में लगभग 511 बिलियन बैरल तेल के विशाल भंडार की खोज की है. यह सऊदी अरब के तेल भंडार से दोगुना और पिछले 50 वर्षों में उत्तरी सागर से निकाले गये तेल से दस गुना अधिक है.
यह विश्व के सबसे बड़े अप्रयुक्त तेल भंडारों में से एक है. हालांकि, इस खोज ने भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा दिया है, क्योंकि ब्रिटेन, अर्जेंटीना और चिली इस क्षेत्र पर दावा करते हैं.
1959 के अंटार्कटिक संधि के अनुसार, अंटार्कटिका केवल वैज्ञानिक अनुसंधान के लिये है, और प्राकृतिक संसाधनों का दोहन निषिद्ध है. विशेषज्ञों का मानना है कि रूस का यह तथाकथित "वैज्ञानिक अभियान" संधि का उल्लंघन हो सकता है.
ब्रिटेन के रॉयल होलोवे कॉलेज के प्रोफेसर क्लॉस डोड्स ने चेतावनी दी है कि रूस वैज्ञानिक अनुसंधान की आड़ में संसाधनों की खोज कर रहा है, जो खनन पर प्रतिबंध का उल्लंघन कर सकता है.
2022 में यूक्रेन पर हमले के बाद से रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव बढ़ा है. विशेषज्ञों को आशंका है कि रूस इस खोज का उपयोग प्रभाव विस्तार और भविष्य में ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिये कर सकता है.
चीन, जिसने हाल ही में अंटार्कटिका में अपनी पांचवीं अनुसंधान चौकी स्थापित की है, भी रूस के साथ मिलकर पश्चिमी देशों के समुद्री संरक्षित क्षेत्र विस्तार के प्रयासों का विरोध कर रहा है.
रूस ने दावा किया है कि उसका अनुसंधान पूरी तरह वैज्ञानिक है और तेल निकालने की कोई योजना नहीं है.
हालांकि, ब्रिटेन ने रूस से इस क्षेत्र में अपनी गतिविधियों की जवाबदेही मांगी है. विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह खोज वैश्विक ऊर्जा प्रतिस्पर्धा को तीव्र कर सकती है और तनाव को बढ़ा सकती है.