अंबिकापुर: स्टाइपेंड वृद्धि को लेकर MBBS इंटर्न बने 'MBBS चायवाला'
अंबिकापुर । संवाददाता: सरगुजा संभाग के अंबिकापुर स्थित शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल में एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे हफ्ते भी लगातार जारी रही. 6 अगस्त से कार्य बहिष्कार कर रहे इन डॉक्टरों ने अपनी आर्थिक स्थिति और कम मानदेय के प्रति शासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए अस्पताल परिसर में 'एमबीबीएस चायवाला' नाम से एक अनूठा सांकेतिक अभियान चलाया.
कैजुअल्टी के पास चाय बेचकर विरोध जताते हुए डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि इसका मकसद किसी व्यवसाय को नीचा दिखाना नहीं, बल्कि अपनी वाजिब मांगों को उजागर करना है.
आंदोलनकारियों का तर्क है कि मेडिकल पढ़ाई पूरी करने के बाद वे अस्पताल में दिन-रात मरीजों की देखभाल, आपातकालीन सेवाओं और अन्य प्रशासनिक जिम्मेदारियों को निभाते हैं, जिसके एवज में उन्हें महज 15,900 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं.
उनका कहना है कि देश के कई अन्य राज्यों में इंटर्न डॉक्टरों को 44,000 रुपये या उससे भी अधिक स्टाइपेंड दिया जाता है. ऐसे में वर्तमान महंगाई और कार्य के दबाव को देखते हुए उनका मानदेय बढ़ाकर कम से कम 30,000 रुपये प्रति माह किया जाना चाहिए.
इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि वे पूर्व में भी प्रशासनिक अधिकारियों और शासन को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण उन्हें मजबूरन हड़ताल का रास्ता चुनना पड़ा.
हालांकि, आंदोलन के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को ध्यान में रखते हुए आपातकालीन और अति-आवश्यक चिकित्सा व्यवस्था को बाधित नहीं होने दिया गया है ताकि गंभीर मरीजों के इलाज में कोई दिक्कत न आए. प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने राज्य सरकार से जल्द से जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला लेने की अपील की है.