अहमदाबाद पुलिस ने सुलझाई रायपुर की 2021 की मर्डर मिस्ट्री, सुपारी किलर गिरफ्तार
अहमदाबाद । डेस्क: अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में साल 2021 में हुई एक सनसनीखेज हत्या और लूट की गुत्थी को सुलझाते हुए एक शातिर फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है. यह मामला रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र का है, जो पिछले कई वर्षों से अनसुलझा था. जांच में सामने आया कि यह पूरी घटना एक पारिवारिक विवाद और सुपारी किलिंग की साजिश से शुरू हुई थी, जो अंततः एक खौफनाक हत्याकांड और बड़ी लूट में तब्दील हो गई.
पुलिस के अनुसार, मृतक शकुंतला यादव अपने छोटे बेटे अमित के साथ रहती थीं, जबकि उनका बड़ा बेटा अजय 2017 से परिवार से अलग रह रहा था. संपत्ति के विवाद के चलते शकुंतला और अमित ने बड़े बेटे अजय को रास्ते से हटाने के लिए अजयकुमार उर्फ लक्ष्मीसागर मिश्रा को 4 लाख रुपये की सुपारी दी थी.
आरोपी उसी अस्पताल में सुरक्षा गार्ड था जहां अमित काम करता था. आरोपियों ने 1 लाख रुपये एडवांस भी लिए, लेकिन काम करने के बजाय वे अपने गांव भाग गए. जब शकुंतला ने पैसों के लिए दबाव बनाया, तो आरोपी अपने साथी केतन तिवारी के साथ रायपुर पहुंचा.
वहां उसे पता चला कि अमित किसी अन्य मामले में जेल में है और शकुंतला घर पर अकेली है. इसी का फायदा उठाकर आरोपियों ने इरादा बदल दिया और लूट के इरादे से शकुंतला की गला दबाकर हत्या कर दी. हत्या के बाद आरोपी घर से 10 लाख रुपये नकद और करीब 35 तोला सोना लूटकर फरार हो गए.
अपनी पहचान छुपाने के लिए आरोपी अजयकुमार मिश्रा ने करीब पांच साल तक डिजिटल दुनिया से पूरी तरह दूरी बनाए रखी. उसने न तो मोबाइल का इस्तेमाल किया और न ही अपना पैन या आधार कार्ड कहीं प्रस्तुत किया. वह लगातार अपनी पहचान बदलकर गोवा, मुंबई और अहमदाबाद जैसे शहरों में ठिकाने बदलता रहा.
हालांकि, अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने तकनीकी इनपुट और सटीक फील्ड सर्विलांस के आधार पर उसे नरोदा इलाके से धर दबोचा.
पकड़े गए आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और बताया कि उसने लूटा हुआ सोना उत्तर प्रदेश के कौशांबी में एक व्यापारी को बेच दिया था.
अहमदाबाद पुलिस अब छत्तीसगढ़ की रायपुर पुलिस के साथ समन्वय कर रही है ताकि आरोपी की कस्टडी ट्रांसफर कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके. इस गिरफ्तारी के साथ ही एक ठंडे बस्ते में जा चुके हाई-प्रोफाइल केस का अंत हुआ है.