छत्तीसगढ़ की युवती को विदेश में नौकरी का झांसा देकर म्यांमार में बंधक बनाया गया, गिरोह की सदस्य गिरफ्तार
विदेश में नौकरी के नाम पर छत्तीसगढ़ के कोरबा की युवती को म्यांमार भेजकर बंधक बनाने और फर्जी सोशल मीडिया आईडी से ऑनलाइन ठगी कराने के मामले में कोरबा की दर्री पुलिस ने महाराष्ट्र से एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है.
कोरबा । संवाददाता: छत्तीसगढ़ की कोरबा पुलिस ने विदेश में नौकरी का झांसा देकर एक युवती को म्यांमार ले जाकर बंधक बनाने और उससे साइबर ठगी कराने वाले गिरोह की एक महिला सदस्य को गिरफ्तार कर लिया है. थाना दर्री पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई में पकड़ी गई आरोपिया की पहचान महाराष्ट्र के गोंदिया निवासी 35 वर्षीय स्नेहा भथलाल बडोले के रूप में हुई है.
पुलिस ने आरोपी महिला को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है और अब इस नेटवर्क के वित्तीय तथा डिजिटल साक्ष्यों के साथ अन्य साथियों की तलाश में जुटी हुई है.
जांच में सामने आया कि पीड़िता ने फेसबुक पर बैंकॉक में ऑफिस असिस्टेंट की नौकरी का एक विज्ञापन देखा था, जिसमें करीब 30 हजार थाई भाट प्रतिमाह वेतन देने का वादा किया गया था. दिए गए नंबर पर संपर्क करने के बाद आरोपी लीजा और उसके साथियों ने युवती को अपने जाल में फंसाया.
गिरोह के सदस्यों ने उसे पहले बेंगलुरु बुलाया, फिर वहां से फ्लाइट के जरिए थाईलैंड ले गए. इसके बाद उसे अवैध रूप से बॉर्डर पार कराकर म्यांमार के कुख्यात केके पार्क पहुंचा दिया गया.
केके पार्क पहुंचते ही पीड़िता का पासपोर्ट छीनकर उसे बंधक बना लिया गया और उसके साथ मारपीट व प्रताड़ना की गई. वहां युवती पर दबाव बनाकर फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स बनवाए गए और भारतीय लोगों से ऑनलाइन ट्रेडिंग व निवेश के नाम पर ठगी करवाई गई.
पीड़िता की जानकारी मिलने के बाद भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से उसे सकुशल भारत वापस लाया गया, जिसके बाद उसने थाना दर्री में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 331/2026, धारा 143(2), 146 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की थी.
इस मामले में सफलता प्राप्त करने के बाद कोरबा पुलिस ने जिले में चलाए जा रहे साइबर जागरूकता अभियान के तहत आम जनता से सतर्क रहने की अपील की है. पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि विदेश में नौकरी के किसी भी अनजान प्रस्ताव पर विश्वास करने से पूर्व उसकी अच्छी तरह जांच-परख कर लें और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें. ऑनलाइन फ्रॉड और फर्जी जॉब ऑफर्स के खिलाफ पुलिस की यह सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.