रायपुर NDPS कोर्ट: प्रतिबंधित कफ सिरप तस्करी के 3 दोषियों को 20-20 साल की सजा
एम्स रायपुर के पास ई-रिक्शा से जब्त प्रतिबंधित कोडीन कफ सिरप और दुर्ग तक फैली तस्करी की कड़ी के मामले में रायपुर विशेष NDPS कोर्ट ने तीन दोषियों को 20-20 साल की कठोर जेल और अर्थदंड की सजा सुनाई.
रायपुर । संवाददाता: दुर्ग जिले के बीएमवाय चरौदा निवासी निहाल सिंह से खरीदकर लाई गई प्रतिबंधित सिरप की सप्लाई चेन का भंडाफोड़ पूछताछ के दौरान हुआ था. शुरुआती पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने मुख्य सप्लायर निहाल सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया. इस आपराधिक मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस ने नशीले पदार्थों के वितरण तंत्र और आरोपियों के आपसी संबंधों से जुड़े भौतिक व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को एक-एक कर जुटाया, जिसके आधार पर न्यायालय में अभियोजन की मजबूत कार्रवाई पूरी की गई.
विशेष लोक अभियोजक भुवनलाल साहू के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई 15-16 अक्तूबर 2025 की मध्यरात्रि आमानाका पुलिस द्वारा की गई थी. गुप्त सूचना के आधार पर टाटीबंध स्थित एम्स के गेट नंबर चार के समीप घेराबंदी कर ई-रिक्शा सवार दो युवकों को हिरासत में लिया गया था, जो ग्राहक की तलाश में घूम रहे थे.
युवकों के पास मौजूद पिट्ठू बैग से कोडीन फास्फेट सिरप की 40 बोतलें (कुल मात्रा 4,000 मिलीलीटर) बरामद की गई थीं. फॉरेंसिक जांच में इस अवैध खेप की पुष्टि होने के बाद पूरे गिरोह के खिलाफ जांच का दायरा बढ़ाया गया था.
मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश किरण थवाईत की अदालत ने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों को आधार मानते हुए तीनों अभियुक्तों को दोषी ठहराया.
कोर्ट ने 24 वर्षीय युवराज सिंह चौहान, 29 वर्षीय वाजिद खान और 30 वर्षीय निहाल सिंह को 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा भुगतने का आदेश दिया. इसके अतिरिक्त, तीनों पर दो-दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, जिसे न चुकाने पर दोषियों को दो-दो साल की अतिरिक्त सख्त कैद काटनी होगी.