अनिल टुटेजा की जमानत के खिलाफ याचिका पर छत्तीसगढ़ सरकार को HC जाने को कहा
शराब व अन्य भ्रष्टाचार के मामलों में आरोपी रिटायर्ड आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. शीर्ष अदालत ने छत्तीसगढ़ सरकार की याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि यदि जमानत का दुरुपयोग होता है, तो राज्य सरकार हाईकोर्ट का रुख कर सकती है.
नई दिल्ली । डेस्क: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को रिटायर्ड वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा को दिए गए जमानत के आदेश को चुनौती देने वाली छत्तीसगढ़ सरकार की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया. हालांकि, शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को यह छूट दी है कि यदि 'जमानत की छूट का दुरुपयोग' करने का कोई मामला सामने आता है, तो वह जमानत रद्द कराने के लिए उच्च न्यायालय का रुख कर सकती है.
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ ने छत्तीसगढ़ सरकार की अपील का निपटारा करते हुए यह स्पष्ट किया कि जमानत देते समय हाईकोर्ट द्वारा की गई टिप्पणियों का असर मुख्य ट्रायल पर नहीं पड़ेगा.
सुनवाई के दौरान सीजेआई ने राज्य सरकार का पक्ष रख रहे वकील से कहा कि इस बात का प्रबल संदेह है कि वे भ्रष्टाचार में शामिल हैं, लेकिन उस संदेह को पुख्ता सबूतों में बदला जाना आवश्यक है. पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट के निष्कर्ष केवल जमानत देने के सीमित उद्देश्य के लिए थे और निचली अदालत इन टिप्पणियों से प्रभावित हुए बिना काम करेगी.
अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि आरोपी को जमानत देने से जुड़े विवादित आदेश दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 में पारित किए गए थे. यदि जमानत के दुरुपयोग का कोई उदाहरण मिलता है, तो इसे रद्द करने के लिए हाईकोर्ट के संज्ञान में लाया जा सकता है.
गौरतलब है कि पूर्व भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में महत्वपूर्ण पदों पर रहे छत्तीसगढ़ कैडर के आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा कई भ्रष्टाचार के मामलों में जांच का सामना कर रहे हैं. इनमें शराब घोटाला, जिला खनिज कोष (डीएमएफ) में कथित अनियमितताएं और कोयला लेवी घोटाला शामिल हैं.
टुटेजा विभिन्न भ्रष्टाचार मामलों में 24 जनवरी 2024 से जेल में बंद थे, जिसके बाद उन्हें जमानत मिली थी. इससे पहले 18 मई को शीर्ष अदालत ने उन्हें डीएमएफ मामले में जमानत दी थी.
हाल ही में छत्तीसगढ़ आर्थिक अपराध अन्वेषण (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने कथित शराब घोटाले में अपना 10वां पूरक आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया है. इसमें राज्य कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल सहित 20 व्यक्तियों और 22 फर्मों को आरोपी बनाया गया है.