अंतरिक्ष में मिली 'दूसरी पृथ्वी'! आकार और कक्षा में हूबहू हमारे ग्रह जैसा
नई दिल्ली । डेस्क: अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने ब्रह्मांड की गहराइयों में एक ऐसे नए ग्रह की खोज की है, जो आकार और कक्षा के मामले में काफी हद तक हमारी पृथ्वी से मिलता-जुलता है. पृथ्वी से लगभग 150 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित इस ग्रह को 'HD-137010 b' नाम दिया गया है.
नासा के केपलर स्पेस टेलीस्कोप द्वारा 'ट्रांजिट पद्धति' से खोजा गया यह ग्रह अपने तारे 'HD-137010' की परिक्रमा 355 दिनों में पूरी करता है, जो पृथ्वी के 365 दिनों के चक्र के बेहद करीब है. वैज्ञानिकों के अनुसार, यह ग्रह पृथ्वी से लगभग 1.2 गुना बड़ा है और इसकी सबसे खास बात इसकी अपने तारे से दूरी है, जिसे जीवन के लिए अनुकूल माना जा रहा है. शोधकर्ताओं का अनुमान है कि इस ग्रह के रहने योग्य होने की संभावना 51 प्रतिशत तक है.
हालांकि, वर्तमान में यह ग्रह बेहद ठंडा है और इसका तापमान शून्य से 68 से 85 डिग्री सेल्सियस नीचे रहने का अनुमान है, जो इसे मंगल ग्रह से भी अधिक ठंडा बनाता है. इसके बावजूद, वैज्ञानिक उत्साहित हैं क्योंकि उनका मानना है कि यदि इस ग्रह के वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की सही मात्रा मौजूद हुई, तो यहाँ पानी तरल अवस्था में मिल सकता है.
जिस बोने तारे (Dwarf Star) की यह परिक्रमा कर रहा है, उसकी आयु सूर्य से अधिक है, जिसका अर्थ है कि यहाँ जीवन के पनपने के लिए लंबा समय उपलब्ध रहेगा.
वैज्ञानिकों का तर्क है कि जैसे पृथ्वी अपने इतिहास में कई बार 'बर्फ के गोले' में तब्दील हुई है, वैसे ही इस ग्रह का हिमयुग भी भविष्य में समाप्त हो सकता है और वहाँ जीवन की शुरुआत हो सकती है. फिलहाल, इस ऐतिहासिक खोज की पुष्टि और ग्रह की अन्य विशेषताओं को समझने के लिए और अधिक गहन अवलोकन की आवश्यकता है.