जगदलपुर नगर निगम में 239 करोड़ का बजट पारित
छत्तीसगढ़ के जगदलपुर नगर निगम में हंगामे के बीच 239 करोड़ का बजट
जगदलपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के जगदलपुर नगर निगम में साल 2025-26 के लिये 239 करोड़ का बजट पास किया गया. विपक्ष के शुरुआती हंगामे के बाद महापौर संजय पांडे द्वारा पेश किया गया बजट सर्वसम्मति से पास कर दिया गया.
जगदलपुर नगर निगम में करीब 10 साल बाद भाजपा से महापौर चुना गया है. महापौर संजय पांडे ने अपने कार्यकाल का पहला बजट पेश किया है.
करीब दो अरब 39 करोड़ 39 लाख के बजट में शहर के विभिन्न विकास कार्यों, सफाई, निर्माण और मरम्मत जैसे कार्यों को शामिल किया गया है.
मुख्य रूप से जगदलपुर शहर में गहराते जल संकट को देखते हुए इंद्रावती नदी में करोड़ों रुपए की लागत से बैराज का निर्माण, सालों से अधूरी पड़ी अमृत मिशन योजना को पूरा करने, नई सड़कों के निर्माण और दलपत सागर, गंगामुंडा सरोवर के जीर्णोद्धार के लिए करोड़ों रुपए का बजट पास किया गया है.
हालांकि शुरुआती तौर पर विपक्ष ने इस बजट को लेकर जमकर बवाल किया और इस बजट में नीचे तबके के गरीबों के लिए कोई योजना शामिल नहीं होने की बात कही.
इसी के साथ ही वार्डों में नये विकास कार्यों को बजट में शामिल न करने का आरोप लगाया. इस तरह हंगामें के बीच ही सर्व सम्मति से बजट को पास कर दिया गया.
शहर को अभी जलभराव से छुटकारा नहीं
महापौर संजय पांडे ने बताया कि करीब 16 लाख रुपए घाटे का बजट पेश किया गया है, लेकिन इससे विकास कार्यों में किसी तरह की कमी नहीं आएगी.
मुख्य रूप से जगदलपुर में 24 घंटे पेयजल की सुविधा को ध्यान में रखते हुए करीब एक अरब 10 करोड़ रुपए की लागत से घर-घर नल और जल पहुंचाने का काम किया जायेगा.
इसके लिए 80 करोड़ रुपए की लागत से इंद्रावती नदी में बैराज का निर्माण और 30 करोड़ रुपए के बजट से सालों से अधूरे पड़ी अमृत मिशन योजना का काम पूरा किया जाएगा.
इसके अलावा महापौर ने बताया कि करीब 10 करोड़ रुपए की लागत से दलपत सागर का सौंदर्यी करण किया जाएगा. इसके साथ ही 5 करोड़ की लागत से गंगामुंडा तालाब का जीर्णोद्धार किया जाएगा.
इसके अलावा पंडरी, तराई और भुतहा तालाब जो विलुप्त हो चुके हैं, उनका भी वापस जीर्णोद्धार किया जाएगा. इसके लिए 35 लाख का बजट पास किया गया है.
हालांकि बस्तर को बारिश के समय जल भराव से मुक्त करने के सवाल पर महापौर ने कहा कि इसके लिए अभी समय लग सकता है.
बजट में शहर के कई वार्डों में बड़े नालों का निर्माण किया जाना है, लेकिन वह इस साल पूरे नहीं हो सकते हैं.
महापौर का कहना है कि शहर वासियों को जल भराव से थोड़ी बहुत निजात दिलाने के लिए नालों की सफाई कर कोशिश की जाएगी और आने वाले सालों में जिन जगहों पर सबसे ज्यादा जल भराव की स्थिति है, उस समस्या को दूर कर लिया जाएगा.
नेता प्रतिपक्ष ने बजट को बताया कमाई का जरिया
इधर निगम में नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी का कहना है कि महापौर ने भाजपा के पार्षदों के लिए मलाईदार बजट पेश किया है. आने वाले समय में इस बजट को कमाई का जरिया बनाया जाएगा.
दलपत सागर और गंगामुंडा के सौंदर्यीकरण के नाम पर करोड़ों रुपए का बजट पास किया जा रहा है. इससे पहले भी कई बार इन दोनों तालाबों के सौंदर्यीकरण के नाम पर करोड़ों रुपए व्यय कर दिए गए हैं.
दलपत सागर से आय अर्जित करने के लिए सदन में कई बार कांग्रेसी पार्षदों एवं उनके द्वारा सुझाव देने के बावजूद इस पर अमल नहीं किया गया.
महापौर केवल इसके व्यय पर ही ध्यान दे रहे हैं, जो सबसे बड़ा कमाई का जरिया है.
इसी प्रकार शहर के जिन बड़े कार्यों के लिए करोड़ों रुपये का बजट पेश किया गया है, उससे इस बजट से गरीब तबके का कोई विकास नहीं होना है और ना ही वार्डों की स्थिति सुधरनी है.
करोड़ों का व्यावसायिक परिसर खंडहर में तब्दील
गौरतलब है कि नगर निगम में रही भाजपा और कांग्रेस की सरकार हर साल शहर के विकास के नाम पर करोड़ों रूपये का बजट पेश करती रही है.
इसके बावजूद अब तक कोई भी सरकार जगदलपुर शहर को धूल मुक्त नहीं कर सकी है और ना ही शहर के सड़कों की हालत सुधार सकी है.
वहीं करीब 15 साल पहले करोड़ों रुपए की लागत से बना व्यवसायिक परिसर भी खण्डहर में तब्दील हो चुका है. जिसके मरम्मत के लिए निगम में कोई बजट पास नहीं किया गया है.