छत्तीसगढ़ में स्कूल और शिक्षकों का होगा युक्तियुक्तकरण
रायपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ में शिक्षा विभाग एक बार फिर स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है. इस बार यह प्रक्रिया नये शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले की पूरी करने की तैयारी है.
इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने दिशा-निर्देश भी जारी कर दिया है. प्रदेश के सभी कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजा गया है. इस बार 7 मई से स्कूलों का और 15 मई से शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण शुरू किया जाएगा.
पिछले साल भी युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन बीच में ही इसे रोक दिया गया था. अब फिर से वही प्रक्रिया दोबारा शुरू की जा रही है.
जारी आदेश के मुताबिक उन स्थानों का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा जहां एक ही परिसर में या पास-पास में दो या अधिक शालाएं संचालित हो रही हैं.
इसके साथ ही अतिशेष शिक्षकों को शिक्षक विहीन अथवा एकल शिक्षक शालाओं में समायोजित किया जाएगा.
स्कूलों का सेटअप
युक्तियुक्तकरण के तहत सबसे पहले ब्लॉक स्तर पर स्कूलों की पहचान की जाएगी. इसके लिए 7 मई तक का समय दिया गया है.
इसके बाद 15 मई तक इन स्कूलों की सूची डायरेक्टरेट को भेजी जाएगी. डायरेक्टरेट से तीन दिन के अंदर यह सूची सरकार के पास पहुंच जाएगी.
सरकार 25 मई तक युक्तियुक्तकरण का फाइनल ऑर्डर जारी करेगी.
लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा फाइनल पदस्थापना
जारी आदेश में कहा गया है कि 15 मई तक अतिरिक्त शिक्षकों की पहचान सुनिश्चित की जाएगी.
फिर 20 मई तक स्कूलों में रिक्त पदों और अतिरिक्त शिक्षकों की सूची जिला समिति को भेजी जाएगी.
जिला समिति 28 मई तक सूची की जांच पड़ताल करेगी. इसके बाद 4 जून तक जिला समिति शिक्षकों का पोस्टिंग ऑर्डर निकालेगी.
वहीं संभागीय डायरेक्टर अतिरिक्त बचे शिक्षकों का 7 जून तक ऑर्डर निकालेंगे. इसके बाद लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा फाइनल पदस्थापना का ऑर्डर जारी किया जाएगा.
7305 शिक्षक अतिशेष
प्रदेश के 5484 स्कूलों में अभी भी एक ही शिक्षक हैं. वहीं 297 स्कूल ऐसे हैं जहां एक भी शिक्षक नहीं है. जबकि प्रदेश में 7305 शिक्षक अतिशेष हैं.
बताया गया कि फिलहाल इन स्कूलों में आसपास के स्कूलों के शिक्षकों को अटैच किया गया है.
एक आंकड़े के मुताबिक 4000 से ज्यादा स्कूलों को मर्ज किया जाएगा. स्कूलों और शिक्षकों को लेकर सभी जगहों पर बैलेंस बनाया जाएगा.
शालेय शिक्षक संघ की चेतावनी
शालेय शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष विरेन्द्र दुबे का कहना है कि युक्तियुक्तकरण के नाम पर स्कूल के सेटअप से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
शिक्षक विहीन स्कूलों में शिक्षकों की पदस्थापना करना सही है. हम इसका विरोध नहीं कर रहे हैं.
लेकिन प्राथमिक शाला की पांच कक्षाओं में केवल 2 शिक्षकों के रहने से बच्चों की शिक्षा व सुरक्षा कैसी होगी.
यह विभागीय हठधर्मिता का परिणाम है कि शिक्षक संगठनों के सुझावों को बगैर महत्व दिए सरकार युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है.