राकेश टिकैत का महासमुंद-धमतरी में किसान पंचायत 18-19 को
छत्तीसगढ़ राकेश टिकैत का महासमुंद-धमतरी में किसान पंचायत 18-19 को
रायपुर | संवाददाताः किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि पूरे देश में भूमि अधिग्रहण तेजी से हो रहा है. सरकारी योजनाओं के नाम पर या सड़कों के नाम पर निजीकरण हो रहा है. सभी सरकारें पूंजीवाद को बढ़ावा दे रही हैं. उनका टारगेट है कि 2047 तक किसानों की 60 से 70 प्रतिशत जमीन पूंजीपतियों को पास चली जानी चाहिए.
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं. वे आज पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे.
उन्होंने बताया कि 18 मार्च को महासमुंद के सांकरा और 19 मार्च को धमतरी में किसान पंचायत का आयोजन किया गया है.
मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में व्यापारीकरण काफी तेजी से बढ़ रहा है. इससे छत्तीसगढ़ कैसे बचेगा, यह एक बड़ा सवाल है.
छत्तीसगढ़ के किसान पानी के लिए आत्महत्या कर रहे हैं. यहां के किसानों को पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से किसान परेशान हैं.
यहां कम वोल्टेज एक बड़ी समस्या है. आदिवासी क्षेत्र के किसानों को उत्पादन की सही कीमत नहीं मिल रही है.
उन्होंने कहा कि नया रायपुर में भूमि अधिग्रहण का मामला लंबे समय से चल रहा है. तीन सरकारें बदल गई, लेकिन नया रायपुर में जमीन अधिग्रहण की समस्या हल नहीं हो पाई.
एमएसपी गारंटी को लेकर उन्होंने कहा कि एमएसपी गारंटी कानून देश में लागू हो और उससे कम दाम पर कोई भी खरीदी न करें. अगर राज्यों को लेबर स्टेट बनाने से बचाना है तो एमएसपी गारंटी कानून लागू करना ही होगा.
किसान नेता राकेश टिकैत ने बताया कि 4 दिन के दौरे पर वे छत्तीसगढ़ और ओडिशा के दौरे पर हैं. इस दौरान छत्तीसगढ़ और ओडिशा के किसानों से मिलकर चर्चा करेंगे. किसानों की समस्या को जानने के लिए पहुंचे हैं.
बातचीत करने से पता चलेगा कि यहां के किसानों की क्या समस्या है. पानी की क्या स्थिति है. वाटर लेवल कितने नीचे जा रहा है. सरकार की क्या योजनाएं हैं.