रायपुर में स्काईवॉक को लेकर सियासत गर्म
रायपुर | संवाददाताः राजधानी रायपुर में सात साल से बंद पड़े स्काईवॉक का काम एक बार फिर प्रारंभ होने जा रहा है. इसे पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने 37 करोड़ 75 लाख रुपए की मंजूरी दे दी है. साथ ही टेंडर का काम भी पूरा कर लिया गया है.
इसी के साथ चर्चित इस प्रोजेक्ट को लेकर सियासत गरमा गई है. इस मामले को लेकर कांग्रेस और भाजपा में आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है.
कांग्रेस इसे जनता के पैसे की बर्बादी और भ्रष्टाचार का माध्यम करार दे रही है. वहीं बीजेपी ने इस पर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है.
भाजपा का कहना है कि पांच साल तक कांग्रेस ने राजनीति विरोध के लिए स्काईवॉक के काम को रोके रखा. कांग्रेस ने इस पर कोई ठोस निर्णय ही नहीं लिया.
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने इस प्रोजेक्ट को लेकर विष्णुदेव साय सरकार पर कई आरोप लगाए हैं. उन्होंने राज्य सरकार की मंशा पर भी सवाल खड़े किए हैं.
उन्होंने आरोप लगाया है कि यह सरकार के लिए कमीशन खाने का खजाना है. इससे सिर्फ पूर्व मंत्री राजेश मूणत का सपना पूरा होगा. जबकि स्काईवॉक बनाने का कोई फायदा ही नहीं है.
उन्होंने कहा है कि यह केवल लूटमार और अपराध का अड्डा बनेगा. इसी वजह से कांग्रेस ने इस योजना का काम रोक दिया था.
दीपक बैज ने उप मुख्यमंत्री अरुण साव के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी है. मंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा था कि राजनीतिक उद्देश्य से तत्कालीन कांग्रेस की सरकार ने इस काम को रोका था.
उन्होंने कहा है कि विकास को ध्यान में रखकर भाजपा सरकार ने स्काईवॉक की योजना बनाई थी. इसका बड़े पैमाने पर काम हो चुका था. उसे रोक कर कांग्रेस ने गलत किया था. जबकि उनकी कमेटी ने भी रिपोर्ट दी थी कि स्काईवॉक बनना चाहिए.
इस पर दीपक बैज ने कहा कि दुनिया के अन्य शहरों को देखेंगे तो ट्रैफिक को कम करने के लिए स्काईवॉक का निर्माण होता है, लेकिन हमारे यहां स्काईवॉक नशे का अड्डा बनेगा.
स्काईवॉक के निर्माण को लेकर भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस की सरकार 5 साल में कोई निर्णय नहीं ले पाई. बीजेपी की सरकार ने इसे पूरा करने का निर्णय लिया है. स्काईवॉक पूरा होना चाहिए.
उन्होंने कहा कि इसका सदुपयोग होना चाहिए. जब यह पूरा नहीं हुआ है, तब इस पर शंका-कुशंका जाहिर करना उचित नहीं है. स्काईवॉक में जो पैसे खर्च हुए हैं, उसका लाभ जनता को मिलना चाहिए.
37.75 करोड़ में टेंडर
राजधानी रायपुर में स्काईवॉक का अधूरा काम पूरा करने के लिए पीडब्ल्यूडी ने 17 अप्रैल को टेंडर जारी किया था. टेंडर में दो कंपनियों ने हिस्सा लिया.
इसमें से रायपुर की फर्म पीएसए कंस्ट्रक्शन को स्काईवॉक का अधूरा काम पूरा करने का जिमा सौंप दिया गया है.
शासन ने स्पष्ट किया है कि इसकी ड्राइंग डिजाइन पुरानी ही रहेगी. यानी उसी डिजाइन पर काम होगा.
अधूरे स्काईवॉक को पूरा करने की लागत का आकलन पिछले एक साल से चल रहा था.
आकलन के आधार पर 31 करोड़ 41 लाख का बजट निर्धारित था, लेकिन टेंडर में हिस्सा लेने वाली दोनों कंपनियों ने इससे ज्यादा रकम कोट की थी.
आखिरकार न्यूनतम रेट भरने वाली रायपुर के फर्म को 37.75 करोड़ में टेंडर दिया गया है. साथ ही कार्य जल्द शुरू करने के साथ ही समय पर पूरा करने भी कहा गया है.