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दुर्ग में गिरफ्तार ननों को मिली जमानत

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Hupendra Sharma

02 अग. 2025, 07:08 AM 3 मिनट में पढ़ें 2

ननों की गिरफ्तारी
ननों की गिरफ्तारी

बिलासपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के दुर्ग में धर्मांतरण और मानव तस्करी के आरोप में गिरफ्तार दोनों ननों को बिलासपुर एनआईए कोर्ट से जमानत मिल गई है. दोनों नन पिछले 9 दिनों से दुर्ग जेल में बंद थीं. बिलासपुर एनआईए कोर्ट ने 50-50 हजार के मुचलके पर जमानत दी है.


इससे पहले दुर्ग जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत याचिका लगाई गई थी, लेकिन कोर्ट ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी थी कि यह उनके क्षेत्राधिकार में नहीं आता है. यह मामला एनआईए का है. जिसके बाद पीड़ित पक्ष ने एनआईए की विशेष अदालत में अपील की. अदालत ने बहस के दौरान केस डायरी समेत सभी जरूरी दस्तावेज तलब किए थे.

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शुक्रवार को एनआईए कोर्ट ने दलील सुनने के बाद आज तक के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया था. 


25 जुलाई को हुई थी गिरफ्तारी


25 जुलाई को बजरंग दल के एक स्थानीय नेता की शिकायत पर सिस्टर वंदना फ्रांसिस और सिस्टर प्रीति मैरी को दुर्ग रेलवे स्टेशन से गिरफ़्तार किया गया था. इन दोनों का संबंध केरल की Assisi Sisters of Mary Immaculate संस्था से है। इनके साथ नारायणपुर जिले के आदिवासी युवक सुखमन मंडावी को भी हिरासत में लिया गया था.


तीनों पर आरोप था कि वे नारायणपुर की तीन आदिवासी लड़कियों को अवैध रूप से अपने साथ उत्तर भारत ले जा रहे थे, जहां उनका "धर्मांतरण कराया जाना था." पुलिस ने मामले में तस्करी और धर्मांतरण की धाराओं के तहत केस दर्ज किया और तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था.


राज्यों में प्रदर्शन के साथ ही संसद में गूंजा था मामला

ननों की गिरफ्तारी के खिलाफ लोकसभा-राज्यसभा संसद में मामला उठा, कई राज्यों में प्रदर्शन हुए. केरल से सांसदों का प्रतिनिधिमंडल भी ननों से मिलने दुर्ग जेल पहुंचा.


सांसदों ने कहा कि सरकार ने फर्जी केस में फंसाकर जेल में डाला. वहीं मेघायल सीएम कॉनराड संगमा ने फर्जी केस रद्द करने की अपील की थी.


शुक्रवार को भी 5 सांसद जॉन ब्रिटास, जोस के मणि, पी संतोष, चंडी ओमेन, सनी जोसेफ पहुंचे थे.


दोनों ननों की गिरफ्तारी का मामला दुर्ग कोर्ट से खारिज होने के बाद बिलासपुर NIA कोर्ट पहुंच था. कैथोलिक नन प्रीति मैरी और वंदना फ्रांसिस की जमानत याचिका पर आज यानी 2 अगस्त को फैसला आया. ननों के वकील ने बताया कि पुलिस के पास सबूत नहीं हैं.


छत्तीसगढ़ समेत कई जगहों पर बवाल के बीच 3 युवतियों में से एक युवती ने मीडिया के सामने आकर बयान दिया कि, ननों ने उसके साथ कोई गलत व्यवहार नहीं किया. दुर्ग में उनसे मारपीट की गई. जबरन बयान बदलवाया गया.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP