आईजीकेवी के कुलपति की एनएसयूआई ने निकाली बारात
रायपुर | संवाददाताः इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर इन दिनों सुर्खियों में है. सोमवार को एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय में निर्माणाधीन बायोटेक इनक्यूबेशन सेंटर में करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया.
एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल की प्रतीकात्मक बारात निकाली.
कुलपति का मुखौटा पहनकर एक कार्यकर्ता दूल्हा बना था. उसे दूल्हे की तरह सजाया गया था.
उसे घोड़े में बैठाकर प्रशासनिक भवन से गेट तक घुमाया गया.साथ ही बराती ढोल-नगाड़ों की थाप पर जमकर थिरके.
कृषि मंत्री रामविचार नेताम, डिप्टी सीएम अरुण साव, वित्त मंत्री ओपी चौधरी का मुखौटा पहने कार्यकर्ताओं ने दहेज में नकली नोटों से भरा सूटकेस भी सौंपा.
इसके बाद मुखौटा पहने कुलपति की भ्रष्टाचार रूपी दुल्हन से सांकेतिक शादी कराई गई.
एनएसयूआई का आरोप है कि बिना लोक निर्माण विभाग की निगरानी के बायोटेक इनक्यूबेशन सेंटर का निर्माण कराया गया.
जिसमें नॉन-एसओआर दरों पर मनमाना भुगतान किया गया. निर्माण कार्य अब भी अधूरा है, फिर भी करोड़ों रुपये का भुगतान पहले ही किया जा चुका है.
विश्वविद्यालय की खरीदी में 30–40 प्रतिशत तक कमीशन लिया गया.
बर्खास्तगी की मांग
यह प्रदर्शन एनएसयूआई के प्रदेश प्रभारी महामंत्री हेमंत पाल ने नेतृत्व में किया गया.
उन्होंने कहा कि ये बारात नहीं, ये भ्रष्टाचार के खिलाफ जनजागरूकता की घंटी है. यह भ्रष्टाचार केवल आर्थिक नहीं बल्कि शैक्षणिक नैतिकता पर भी हमला है. छात्र अब चुप नहीं बैठेंगे. कुलपति और उनके संरक्षणदाताओं की जवाबदेही तय होनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि अगर कुलपति को तुरंत बर्खास्त नहीं किया गया और निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो हम उग्र आंदोलन करेंगे.